
देहरादून: उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू होने की वर्षगांठ के अवसर पर आज मंगलवार, 27 जनवरी को पूरे राज्य में ‘समान नागरिक संहिता दिवस’ मनाया जा रहा है। इस मौके पर देहरादून के निम्बूवाला स्थित संस्कृति विभाग के प्रेक्षागृह में राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी प्रतिभाग कर रहे हैं। कार्यक्रम को लेकर प्रशासन की ओर से सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
उत्तराखंड देश का पहला राज्य है, जहां समान नागरिक संहिता को लागू किया गया है। इसे सामाजिक समानता, न्याय और सुशासन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जाता है। इसी उपलब्धि की वर्षगांठ के अवसर पर आज राज्यभर में यूसीसी दिवस मनाया जा रहा है।
तैयारियों का जायजा
कार्यक्रम से पहले सोमवार को गृह सचिव शैलेश बगौली, आईजी निवेदिता कुकरेती और जिलाधिकारी सविन बंसल ने कार्यक्रम स्थल का स्थलीय निरीक्षण किया था।
निरीक्षण के दौरान मंच, सभागार, ध्वनि व्यवस्था, बैठक व्यवस्था, विद्युत, पेयजल, परिवहन, पार्किंग और सुरक्षा सहित सभी व्यवस्थाओं की बारीकी से समीक्षा की गई थी और संबंधित नोडल अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया
निरीक्षण के दौरान गृह सचिव ने कहा था कि समान नागरिक संहिता लागू करना उत्तराखंड के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि यूसीसी से सामाजिक समानता, न्याय और सुशासन को मजबूत आधार मिला है और सभी नागरिकों के लिए समान कानून लागू होने से पारदर्शिता और एकरूपता को बढ़ावा मिला है।
आज के कार्यक्रम की रूपरेखा
आज 27 जनवरी को पूर्वाह्न 11 बजे आयोजित इस कार्यक्रम में बार काउंसिल और स्थानीय बार एसोसिएशन के पदाधिकारी, विभिन्न विश्वविद्यालयों में विधि शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्र-छात्राएं और अन्य गणमान्य नागरिक शामिल हो रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान राज्य स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और नागरिकों के साथ-साथ विद्यालयों में आयोजित वाद-विवाद, चित्रकला और निबंध प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया जा रहा है। कार्यक्रम को सहभागितापूर्ण बनाने के लिए ऑन-द-स्पॉट क्विज प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया है।
आगे क्या
प्रशासन के अनुसार यूसीसी दिवस के माध्यम से समाज में कानून के प्रति जागरूकता और समानता के संदेश को और मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। भविष्य में भी इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।







