श्रीनंदा देवी राजजात उत्तराखंड की सबसे महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक धार्मिक यात्राओं में से एक है, जिसे हिमालयी सचल महाकुंभ भी कहा जाता है। यह यात्रा प्रत्येक 12 वर्ष में आयोजित होती है और चमोली जनपद के नौटी गांव से प्रारंभ होकर कठिन हिमालयी मार्गों से गुजरते हुए होमकुंड तक संपन्न होती है। राजजात श्रीनंदा देवी को मायके से ससुराल कैलाश विदा करने की पारंपरिक और प्रतीकात्मक यात्रा मानी जाती है, जिसमें हक-हकूकधारी, स्थानीय समुदाय, साधु-संत और हजारों श्रद्धालु भाग लेते हैं।
यह पेज श्रीनंदा देवी राजजात से जुड़ी सभी ताज़ा खबरों और अपडेट्स के लिए समर्पित है, जहाँ पाठक राजजात की तिथि घोषणा, मनौती और दिनपट्टा कार्यक्रम, यात्रा मार्ग और पड़ाव, समिति और प्रशासन के निर्णय, सुरक्षा व स्वास्थ्य व्यवस्थाएं, सरकारी निर्देश, स्थानीय प्रतिक्रियाएं और ग्राउंड रिपोर्ट्स पढ़ सकते हैं। राजजात जैसी व्यापक यात्रा से जुड़े निर्णय और तैयारियां समय-समय पर बदलती रहती हैं, ऐसे में इस पेज पर उपलब्ध समाचार पाठकों को एक ही स्थान पर विश्वसनीय और अद्यतन जानकारी प्रदान करते हैं।
Nanda Devi Raj Jat Yatra
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