
देहरादून जिले के थानो वन रेंज में मंगलवार शाम करीब 4:15 बजे एक दर्दनाक घटना हुई, जहां कालू सिद्ध मंदिर मार्ग पर जौलीग्रांट निवासी 12 वर्षीय छात्र कुणाल थापा को एक हाथी ने स्कूटी से खींचकर पटक दिया। गंभीर रूप से घायल बच्चे को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
थानो वन रेंज और कालू सिद्ध मंदिर मार्ग घने जंगलों से होकर गुजरते हैं, जहां हाथियों की आवाजाही लगातार बनी रहती है। स्थानीय लोग कई बार इस मार्ग पर वन्यजीवों के दिखने की शिकायत कर चुके हैं। इसके बावजूद शाम के समय सुरक्षा व्यवस्था अक्सर कमजोर रहती है, जिसे लेकर लोगों में नाराज़गी है।
घटना कैसे हुई
जानकारी के अनुसार, जौलीग्रांट निवासी कमल थापा अपनी पत्नी नीलम और 12 वर्षीय बेटे कुणाल को स्कूटी पर लेकर कालू सिद्ध मंदिर की ओर जा रहे थे। जैसे ही वे थानो वन रेंज के पास पहुंचे, तभी अचानक एक हाथी सड़क के किनारे दिखाई दिया।
बताया गया कि हाथी ने स्कूटी के बीच बैठे बच्चे को सूंड से पकड़कर नीचे पटक दिया। माता-पिता किसी तरह बचकर अलग हुए, लेकिन बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। हाथी कुछ देर वहीं खड़ा रहा और स्थिति भयावह हो गई।
परिवार की जद्दोजहद
कुणाल के पिता ने हिम्मत जुटाकर पास ही आग जलाई और किसी तरह हाथी को दूर किया। इसके बाद वे घायल बेटे को उठाकर जौलीग्रांट अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही परिजन, पड़ोसी और स्थानीय लोग अस्पताल पहुंचे। बच्चे की मौत से परिवार गहरे सदमे में है और माहौल बहुत ही भावुक हो गया।
आधिकारिक जानकारी
वन विभाग की टीम थानो वन रेंज में पहुंचकर घटना की जांच कर रही है। अधिकारियों ने कहा कि हाथियों की बढ़ती आवाजाही को ध्यान में रखते हुए क्षेत्र में गश्त बढ़ाई जाएगी और चेतावनी बोर्डों का पुनरावलोकन किया जाएगा। कुछ अधिकारी औपचारिक टिप्पणी देने से बचते दिखे और कहा कि विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम के समय इस मार्ग पर सुरक्षा इंतज़ाम बेहद कम हैं। लोगों ने आरोप लगाया कि कई बार हाथियों की गतिविधि दिखने के बावजूद प्रशासनिक निगरानी मजबूत नहीं की जाती। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना वाले समय सड़क पर कुछ वाहन और लोग मौजूद थे, लेकिन हाथी अचानक उभर आया, जिससे सभी घबरा गए।
विशेषज्ञ टिप्पणी
वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि जंगलों से सटे मार्गों पर शाम और सुबह के समय मानव–वन्यजीव संघर्ष की घटनाएँ बढ़ जाती हैं। ऐसे क्षेत्रों में चेतावनी संकेत, स्पीड कंट्रोल और निगरानी बेहद जरूरी है।
आगे क्या होगा
वन विभाग ने घटनास्थल का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार करनी शुरू कर दी है। क्षेत्र में गश्त बढ़ाने, चेतावनी बोर्ड लगाने और स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। परिवार को सहायता उपलब्ध कराने पर भी चर्चा चल रही है।







