
टिहरी: जिले के सुरसिंहधार स्थित राजकीय नर्सिंग कॉलेज को पीजी कॉलेज का दर्जा मिल गया है। इसको लेकर मंगलवार को चिकित्सा शिक्षा सचिव आर. राजेश कुमार ने अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। सचिव ने मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर, प्रशासनिक स्वीकृतियों, वित्तीय स्थिति और निरीक्षण रिपोर्ट के निष्कर्षों का जायजा लेते हुए निर्देश दिया कि परियोजना को प्राथमिकता से पूरा कर नर्सिंग शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाया जाए।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
टिहरी और आसपास के पहाड़ी जिलों में विशेषज्ञ नर्सिंग जनशक्ति की कमी लंबे समय से महसूस की जा रही थी। सुरसिंहधार नर्सिंग कॉलेज को पीजी स्टेटस मिलना इस क्षेत्र में उच्च स्तरीय नर्सिंग शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देगा। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद सरकार इस परियोजना को तेजी से आगे बढ़ा रही है।
आधिकारिक जानकारी
स्वास्थ्य सचिव आर. राजेश कुमार ने बताया कि 14 अगस्त 2025 को सरकार पीजी कॉलेज प्रस्ताव के लिए वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति जारी कर चुकी है। इसके बाद 12 नवंबर 2025 को एक निरीक्षण समिति गठित की गई, जिसे परिसर का भौतिक सत्यापन कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए थे। समिति ने 14 नवंबर 2025 को सुरसिंहधार राजकीय नर्सिंग कॉलेज का स्थलीय निरीक्षण किया और पूरी रिपोर्ट सरकार को सौंपी। रिपोर्ट के अनुसार कॉलेज के पास भवन, कक्षाएं, लैब, पुस्तकालय, मल्टीपरपज़ हॉल और एमएससी नर्सिंग के लिए आवश्यक सभी कक्षाएं उपलब्ध हैं।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहाड़ी जिलों में नर्सिंग शिक्षा की सुविधा मजबूत होने से युवाओं को रोजगार और प्रशिक्षण के अधिक अवसर मिलेंगे। कुछ अभिभावकों ने इसे टिहरी जिले के लिए बड़ी उपलब्धि बताया, क्योंकि इससे क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं विकसित होंगी।
निरीक्षण रिपोर्ट के प्रमुख निष्कर्ष
समिति के अनुसार:
- कॉलेज के पास कुल 71,900.33 वर्गफीट क्षेत्र उपलब्ध
- इसमें 32,452.97 वर्गफीट शैक्षणिक क्षेत्र
- और 39,447.36 वर्गफीट हॉस्टल क्षेत्र शामिल
- जिला चिकित्सालय बौराड़ी (100 बेड) और सीएचसी नरेंद्रनगर (50 बेड) क्लीनिकल पोस्टिंग के लिए उपलब्ध
- एमएससी नर्सिंग कार्यक्रम के लिए आवश्यक संसाधन, स्टाफ और इंफ्रास्ट्रक्चर पूरा पाया गया
इन सभी मानकों के पूरा होने के बाद सुरसिंहधार नर्सिंग कॉलेज को औपचारिक रूप से पीजी कॉलेज की मान्यता दे दी गई।
एमएससी नर्सिंग कार्यक्रम
समिति ने अपनी रिपोर्ट में एमएससी नर्सिंग के लिए 15 नई सीटों की संस्तुति की है। सचिव ने कहा कि यह कार्यक्रम पहाड़ी क्षेत्रों में नर्सिंग शिक्षा की गुणवत्ता को नए स्तर पर ले जाएगा और स्वास्थ्य सेवाओं में विशेषज्ञ जनशक्ति तैयार करने में मदद करेगा।
आगे क्या?
स्वास्थ्य विभाग अब अगले चरण में एमएससी नर्सिंग कार्यक्रम का संचालन शुरू करने की तैयारी कर रहा है। सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी आवश्यक संसाधन समय पर उपलब्ध कराए जाएं ताकि सत्र निर्धारित समय पर शुरू हो सके। स्थानीय लोग और छात्र उम्मीद कर रहे हैं कि नया पीजी कॉलेज क्षेत्र में स्वास्थ्य शिक्षा और रोजगार को मजबूत करेगा।





