
टिहरी: प्रतापनगर विधानसभा क्षेत्र में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लंबे समय से बदहाल सुविधाओं का सामना कर रहा है। 50 से अधिक गांवों को स्वास्थ्य सेवाएं देने वाला यह केंद्र अब रेफर सेंटर बनकर रह गया है, जिससे ग्रामीणों में नाराज़गी बढ़ गई है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि अस्पताल की व्यवस्थाएं जल्द सुधार नहीं की गईं तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
प्रतापनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र के कई गांवों के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा का प्रमुख स्रोत है। रोजाना बड़ी संख्या में मरीज यहां पहुंचते हैं, लेकिन सुविधाओं की कमी के कारण उन्हें देहरादून और नई टिहरी जैसे शहरों में जाना पड़ता है। ग्रामीणों के अनुसार, अस्पताल में आवश्यक सेवाएं उपलब्ध न होने के कारण यह धीरे-धीरे रेफर सेंटर में बदल गया है।
अस्पताल की वर्तमान स्थिति
स्थानीय निवासियों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि अस्पताल में बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है। मरीजों के लिए साफ-सुथरे शौचालय तक उपलब्ध नहीं हैं। क्षेत्र पंचायत सदस्य विकास भंडारी ने कहा कि शौचालयों में पानी और पाइपलाइन की व्यवस्था नहीं है, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी होती है।
बनाली क्षेत्र पंचायत सदस्य मुलायम सिंह रावत ने बताया कि अस्पताल में एम्बुलेंस की व्यवस्था तक नहीं है। कई बार मरीजों को प्राथमिक उपचार भी उपलब्ध नहीं हो पाता, जिसके चलते उन्हें शहरों का रुख करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि अस्पताल वास्तविक इलाज प्रदान करने के बजाय केवल मरीजों को रेफर कर रहा है, जो गंभीर चिंता का विषय है।
ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि समस्याओं का समाधान जल्द नहीं किया गया तो वे सामूहिक आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया
जब अस्पताल की स्थिति को लेकर सवाल पूछे गए तो अस्पताल इंचार्ज डॉ. कुलभूषण ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया और सवालों से बचते दिखे।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. श्याम विजय ने बताया कि मरीजों के लिए शौचालय व्यवस्था सुधारी जा रही है और संबंधित इंचार्ज को निर्देश दिए गए हैं कि अस्पताल की सभी कमियों को जल्द दूर किया जाए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की गई है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
क्षेत्र के लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र उनकी जरूरतों के अनुरूप सुविधाएं प्रदान नहीं कर रहा। एक ग्रामीण ने बताया, “हमारे गांवों के लिए यह अस्पताल ही एकमात्र सहारा है, लेकिन यहां इलाज न मिलने के कारण हमें घंटों दूर शहर जाना पड़ता है। यह परेशानी अब असहनीय हो चुकी है।”
आगे क्या?
CMO द्वारा आश्वासन दिया गया है कि अस्पताल में जल्द ही सफाई, शौचालय, पानी, उपकरण और एम्बुलेंस से जुड़ी कमियों को दूर किया जाएगा। प्रशासन ने कहा है कि स्वास्थ्य केंद्र को पूरी तरह कार्यात्मक बनाने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि आगामी हफ्तों में ठोस सुधार नहीं दिखाई दिया, तो वे आंदोलन शुरू करने पर मजबूर होंगे।





