
श्यामपुर और खैरीखुर्द की सीमा पर स्थित स्वेला नाले के ऊपर बन रही पुलिया को लेकर विवाद गहरा गया है। श्यामपुर के कुछ ग्रामीणों द्वारा निर्माण कार्य पर आपत्ति जताए जाने के बाद पीडब्ल्यूडी को काम रोकना पड़ा। विरोध से नाराज खैरीखुर्द पंचायत की प्रधान ग्रामीणों के साथ तहसील पहुंची और जनहित में पुलिया निर्माण कराने की मांग की।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
स्वेला नाला दोनों ग्राम पंचायतों—श्यामपुर और खैरीखुर्द—को जोड़ता है। पिछले कई वर्षों से यहां ह्यूम पाइप की अस्थायी व्यवस्था पर ही ग्रामीणों और स्कूली बच्चों का आवागमन निर्भर था। बढ़ती जनसंख्या और सुरक्षा की दृष्टि से स्थायी पुलिया की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है।
अधिकारिक जानकारी
शनिवार को खैरीखुर्द पंचायत की प्रधान शकुंतला बिष्ट ग्रामीणों के साथ एसडीएम योगेश मेहरा को ज्ञापन देने पहुंचीं। उन्होंने बताया कि पीडब्ल्यूडी द्वारा लगभग तीन मीटर लंबी पुलिया का निर्माण किया जा रहा है, लेकिन श्यामपुर के कुछ ग्रामीण इसका विरोध कर रहे हैं।
प्रधान का कहना है कि पुलिया निर्माण जनहित के लिए आवश्यक है और इसे रोकने से स्कूली बच्चों और स्थानीय नागरिकों की आवाजाही प्रभावित हो रही है।
एसडीएम योगेश मेहरा ने मामले में तहसीलदार चमन सिंह और पीडब्ल्यूडी के ईई बीएन द्विवेदी को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने 26 नवंबर को दोनों ग्राम पंचायतों की संयुक्त बैठक बुलाकर आपत्तियों को सुनने और मौके पर ही समाधान निकालने के निर्देश दिए हैं। बैठक की रिपोर्ट उन्हें सौंपने को कहा गया है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
खैरीखुर्द के ग्रामीणों ने कहा कि ह्यूम पाइप की अस्थायी व्यवस्था बारिश के समय कई बार क्षतिग्रस्त हो चुकी है, जिससे आवाजाही बाधित होती रही है। उनका कहना है कि स्थायी पुलिया बनने से दोनों गांवों के लोगों को वर्षभर सुरक्षित मार्ग मिलेगा। श्यामपुर के कुछ ग्रामीणों ने पुलिया के निर्माण से संभावित जलप्रवाह और भूमि प्रभावित होने की चिंता जताई है। वे चाहते हैं कि पहले तकनीकी निरीक्षण और समाधान के बाद ही निर्माण आगे बढ़े।
अगला कदम — क्या आगे होगा
26 नवंबर को दोनों ग्राम पंचायतों की बैठक में आपत्तियों और जनहित से जुड़े बिंदुओं पर चर्चा होगी। अपेक्षा है कि प्रशासन विवाद का समाधान कर निर्माण कार्य की दिशा स्पष्ट करेगा। तकनीकी निरीक्षण और विभागीय रिपोर्ट के आधार पर निर्णय लिया जाएगा।







