
श्रीनगर: शहरवासियों को ध्वनि प्रदूषण से राहत दिलाने और यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित व सुचारु बनाने की दिशा में नगर निगम श्रीनगर गढ़वाल ने अहम पहल शुरू की है। नगर निगम सभागार में आयोजित बैठक में श्रीनगर को हॉर्न फ्री जोन और नो ओवरटेकिंग जोन घोषित करने को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बैठक में परिवहन विभाग, पुलिस और नगर निगम के जनप्रतिनिधियों ने शहर में बढ़ते अनावश्यक हॉर्न और अव्यवस्थित यातायात पर चिंता जताई।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
श्रीनगर गढ़वाल एक प्रमुख शैक्षणिक और चिकित्सीय केंद्र है। यहां विश्वविद्यालय, स्कूल और अस्पताल स्थित हैं, जहां अत्यधिक और अनावश्यक हॉर्न का प्रयोग विद्यार्थियों, मरीजों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है। इसी को देखते हुए नगर निगम ने शहर को अधिक अनुशासित और शांत बनाने की दिशा में यह कदम उठाया है।
बैठक में क्या हुआ निर्णय
बैठक में मौजूद अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने माना कि प्रेशर हॉर्न के बढ़ते इस्तेमाल से ध्वनि प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। इस पर नियंत्रण के लिए हॉर्न फ्री जोन और नो ओवरटेकिंग जोन को समय की आवश्यकता बताया गया। बैठक में उप जिलाधिकारी श्रीनगर नुपुर वर्मा, सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी पौड़ी मंगल सिंह सहित नगर निगम के पार्षद और अधिकारी मौजूद रहे।
परिवहन विभाग का पक्ष
सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी मंगल सिंह ने कहा कि हॉर्न फ्री जोन आज की बड़ी जरूरत है। उन्होंने कहा कि यदि नगर निगम बोर्ड से प्रस्ताव पारित होता है, तो परिवहन विभाग पुलिस और प्रशासन के साथ मिलकर नियमों के पालन को सुनिश्चित करेगा। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ चालानी कार्रवाई भी की जाएगी।
महापौर का बयान
नगर निगम की महापौर आरती भंडारी ने कहा कि नगर निगम बोर्ड की आगामी बैठक में श्रीनगर को हॉर्न फ्री जोन घोषित करने का प्रस्ताव पारित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि निगम का उद्देश्य शहर को शांत, सुरक्षित और अनुशासित बनाना है। हॉर्न फ्री और नो ओवरटेकिंग जोन लागू होने से ध्वनि प्रदूषण में कमी आएगी और यातायात व्यवस्था बेहतर होगी।
जनजागरूकता और क्रियान्वयन योजना
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, प्रस्ताव पारित होने के बाद शहर के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से हॉर्न फ्री जोन लागू किए जाएंगे। इसके साथ ही नागरिकों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान भी चलाया जाएगा।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि यह योजना सही तरीके से लागू होती है, तो शहर में शोर-शराबा कम होगा और रोजमर्रा की आवाजाही अधिक सुरक्षित बनेगी। लोगों ने नगर निगम की इस पहल का स्वागत किया है।
आगे क्या होगा
नगर निगम बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव पारित होने के बाद प्रशासन, परिवहन विभाग और पुलिस के सहयोग से नियमों को लागू किया जाएगा। उम्मीद है कि इस पहल से श्रीनगर को एक शांत, स्वच्छ और सुव्यवस्थित शहर के रूप में नई पहचान मिलेगी।




