
सेलाकुई (देहरादून): थाना सेलाकुई पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से 329 ग्राम अवैध चरस, 19 हजार रुपये नकद और तस्करी में प्रयुक्त एक स्कूटी बरामद की गई। पुलिस ने स्कूटी को सीज कर आरोपियों पर एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
उत्तराखंड सरकार द्वारा चलाए जा रहे “ड्रग्स फ्री देवभूमि 2025” अभियान के तहत जिले में नशा रोकथाम की कार्रवाई लगातार तेज की जा रही है। विशेष रूप से देहरादून और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में नशे की तस्करी और खपत को लेकर कई बार चिंता जताई गई है। इसी अभियान के दौरान सेलाकुई पुलिस को तस्करों के सक्रिय होने की सूचना मिली, जिस पर टीम सतर्क हो गई।
औपचारिक जानकारी
चेकिंग के दौरान पुलिस ने तीन युवकों—अंकेश राठौर, उमेश और रमेश कुमार—को संदिग्ध स्थिति में रोका। तलाशी लेने पर उनके पास से 329 ग्राम चरस बरामद की गई। साथ ही 19,000 रुपये नकद और स्कूटी संख्या UK16D–4395 भी मिली, जिसे पुलिस ने तुरंत सीज कर लिया।
पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि मजदूरी के दौरान उनकी मुलाकात नरेश नामक व्यक्ति से हुई थी, जिसने उन्हें चरस बेचकर मुनाफा कमाने का लालच दिया। नरेश से चरस खरीदकर वे इसे स्थानीय नशा करने वालों और कुछ छात्रों को बेचने की योजना बना रहे थे। पुलिस के अनुसार फरार आरोपी नरेश, निवासी कटियाल (त्यूनी), की तलाश के लिए अलग टीम भेजी गई है।
आरोपियों की पहचान अंकेश राठौर (28 वर्ष), निवासी ग्राम राडू थाना त्यूनी; उमेश (27 वर्ष), निवासी ग्राम राडू थाना त्यूनी; और रमेश कुमार (28 वर्ष), निवासी मसरा थाना कुफरी जिला शिमला के रूप में हुई है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय निवासियों का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण यहां बाहर से आने वाले युवकों के बीच नशे की तस्करी तेजी से फैल रही है। कई लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे अभियानों से क्षेत्र में अपराध पर अंकुश लगेगा और युवाओं को नशे की लत से बचाया जा सकेगा।
आगे क्या?
पुलिस अब फरार आरोपी नरेश की गिरफ्तारी पर फोकस कर रही है। आरोपियों के मोबाइल डेटा, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और स्थानीय नेटवर्क की जांच की जा रही है ताकि तस्करी के बड़े गिरोह का पता लगाया जा सके। पुलिस ने बताया कि नशे के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।





