
सेलाकुई: सहसपुर कोतवाली क्षेत्र के ढलानी में सोमवार सुबह बड़ा हादसा होने से टल गया। ढलान पर खड़ी स्कूल बस अचानक आगे बढ़कर 50 मीटर गहरी खाई में गिर गई। बस में बैठे तीन बच्चों ने समय रहते गेट से कूदकर अपनी जान बचाई। घटना में चालक की गंभीर लापरवाही सामने आई है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
पर्वतीय और ढलान वाले क्षेत्रों में वाहनों को खड़ा करते समय नियमों का पालन न करने के कारण अक्सर दुर्घटनाएँ होती हैं। ढलानी में हुई यह घटना भी ऐसी ही एक लापरवाही का परिणाम साबित हुई, जो समय रहते टल गई, वरना स्थिति भयावह हो सकती थी।
अधिकारिक जानकारी
जानकारी के अनुसार स्कूल बस ढलानी से बच्चों को कोटड़ा कल्याणपुर स्थित स्कूल लेकर जा रही थी। बस में अधिकतर बच्चे उतरकर सड़क किनारे खेलने लगे थे, जबकि तीन बच्चे अभी अंदर ही बैठे थे।
इसी दौरान चालक बस को ढलान पर न्यूट्रल में खड़ा कर पास की दुकान में चला गया। हैंड ब्रेक न लगाए जाने के कारण बस अचानक ढलान से आगे बढ़ने लगी। तीनों बच्चों ने खतरा भांपकर तुरंत गेट से कूदकर जान बचा ली।
कुछ ही क्षणों बाद बस 50 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। सूचना मिलते ही सहसपुर पुलिस मौके पर पहुंची।
कोतवाली प्रभारी शंकर सिंह बिष्ट ने बताया कि घटना के समय बस में कोई सवार नहीं था। जांच में चालक की लापरवाही स्पष्ट हुई है। शिकायत मिलते ही कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि घटना ने सभी को दहशत में ला दिया। कई अभिभावक मौके पर पहुंचकर बच्चों को लेकर चिंतित दिखे। उनका कहना है कि स्कूल प्रबंधन को बस चालकों की ट्रेनिंग और सुरक्षा मानकों पर अधिक ध्यान देना चाहिए।
आगे क्या?
पुलिस ने बस की मैकेनिकल कंडीशन और स्कूल प्रबंधन की ओर से बनाए गए सुरक्षा नियमों की भी जांच शुरू कर दी है। प्रशासन ने संकेत दिया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्कूल वाहनों की नियमित चेकिंग पर जोर दिया जाएगा।






