
रुद्रप्रयाग: सोशल मीडिया पर दो साल पुराने एक अश्लील वीडियो को उत्तराखंड की एक स्थानीय युवती से जोड़कर वायरल करने के मामले में पुलिस ने 11 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोपियों में एक दमकल कर्मी, छह नाबालिग छात्र और चार ग्रुप एडमिन शामिल हैं।
मामला थाना अगस्त्यमुनि क्षेत्र का है। क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने 29 अगस्त को शिकायत दर्ज कराई थी कि कुछ युवक उनकी बेटी को बदनाम करने की नीयत से एक अश्लील वीडियो को उसका बताकर सोशल मीडिया पर फैला रहे हैं, जबकि उस वीडियो से युवती का कोई संबंध नहीं है।
जांच के दौरान पुलिस ने दो नामजद आरोपियों के अलावा नौ अन्य लोगों की पहचान भी की। विवेचना में यह स्पष्ट हुआ कि संबंधित वीडियो साल 2023 का है और हैदराबाद से जुड़ा हुआ है। इसे गलत पहचान बताकर वायरल किया गया, जिससे पीड़ित परिवार को मानसिक और सामाजिक रूप से भारी नुकसान झेलना पड़ा।
एसपी अक्षय प्रह्लाद कोंडे ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों पर महिला का अपमान, निजता का उल्लंघन और आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। आरोपियों में शामिल हैं —
- सुभांत, निवासी ग्राम धरसाल
- आदित्य सिंह, निवासी ग्राम जयकंडी
- गौरव, निवासी ग्राम रायड़ी
- हर्षु लाल, निवासी ग्राम फलई
- भरत भंडारी, दमकल कर्मी, निवासी ग्राम रायड़ी
बाकी छह आरोपी नाबालिग हैं, जिनमें से चार ग्रुप एडमिन बताए जा रहे हैं। अधिकांश आरोपी स्नातक प्रथम और द्वितीय वर्ष के छात्र हैं।
पुलिस ने कहा कि इस तरह की घटनाएं सोशल मीडिया के दुरुपयोग और गलत सूचनाओं के प्रसार की गंभीरता को दर्शाती हैं। लोगों से अपील की गई है कि किसी भी अपुष्ट या संवेदनशील सामग्री को साझा करने से पहले सत्यापन अवश्य करें।




