
रुद्रप्रयाग — अपनी कार्यकुशलता और तेज़ फील्ड एक्शन के लिए पहचाने जाने वाले रुद्रप्रयाग के डीएम प्रतीक जैन ने मंगलवार को जिला चिकित्सालय का आकस्मिक निरीक्षण किया। बिना पूर्व सूचना किए गए इस निरीक्षण का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति को समझना और आवश्यक सुधारों को तुरंत लागू कराना था।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
डीएम प्रतीक जैन पिछले कई महीनों से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार फील्ड विज़िट कर व्यवस्थाओं का वास्तविक मूल्यांकन कर रहे हैं। कभी 22 किलोमीटर पैदल चलकर केदारनाथ यात्रा मार्ग की जांच करना, तो कभी आपदाग्रस्त क्षेत्रों में रातों–रात पहुँचकर रेस्क्यू कार्यों की निगरानी करना—उनकी कार्यशैली हमेशा सुर्खियों में रहती है।
इसी क्रम में उन्होंने अब जनपद की स्वास्थ्य सुविधाओं की ग्राउंड रियलिटी जानने के लिए जिला अस्पताल का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान क्या-क्या देखा
जिलाधिकारी अस्पताल में सीधे मरीजों और तीमारदारों के बीच पहुंचे। उन्होंने उनसे दवाओं, उपचार, स्टाफ व्यवहार, स्वच्छता और सुविधाओं को लेकर प्रतिक्रिया ली। अधिकांश लोगों ने अस्पताल की सेवाओं को संतोषजनक बताया, हालांकि कुछ विभागों में सुधार की आवश्यकता भी सामने आई।
सीटी स्कैन मशीन का संचालन जल्द प्रारंभ होने की जानकारी
निरीक्षण के बाद डीएम ने डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के साथ बैठक कर समस्याओं और संसाधनों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि सीटी स्कैन मशीन को जल्द शुरू किया जाएगा। इसके लिए अतिरिक्त तकनीशियन की नियुक्ति हेतु डीजी हेल्थ को पत्र भेजा गया है।
उन्होंने कहा कि तकनीशियन नियुक्त होते ही जिले के मरीजों को उच्च स्तरीय जांच के लिए देहरादून या बाहर नहीं जाना पड़ेगा, जिससे बड़ी राहत मिलेगी।
सर्जरी विभाग शुरू करने की दिशा में पहल
डीएम प्रतीक जैन ने बताया कि अस्पताल में सर्जरी विभाग शुरू करने की दिशा में भी प्रयास हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि शासन को सर्जन की नियुक्ति का प्रस्ताव भेजा जाएगा, ताकि जटिल से लेकर सामान्य सर्जरी तक की सुविधा रुद्रप्रयाग में ही उपलब्ध हो सके। इससे मरीजों को अन्य जिलों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
स्वच्छता और तकनीकी उपकरणों को लेकर निर्देश
जिलाधिकारी ने अस्पताल प्रबंधन को निर्देशित किया कि सभी मशीनें, लैब उपकरण और तकनीकी संसाधन पूर्ण रूप से क्रियाशील रहें। उन्होंने कहा कि साफ-सफाई, समयबद्ध सेवा और मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी मरीज को अनावश्यक देरी या परेशानी नहीं होनी चाहिए।
जनपद के सभी एसडीएम ने भी किए निरीक्षण
डीएम ने बताया कि जिले के सभी उपजिलाधिकारियों ने भी एक साथ अपने–अपने क्षेत्रों के अस्पतालों का निरीक्षण किया है। इस सामूहिक अभियान का उद्देश्य जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का संपूर्ण मूल्यांकन करना और कमियों को समय रहते दूर करना है।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम सोहन सिंह सैनी, चिकित्साधिकारियों और अस्पताल कर्मियों की उपस्थिति रही।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि डीएम का ग्राउंड लेवल पर सक्रिय रहना स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। कई लोगों ने उम्मीद जताई कि इससे जिला अस्पताल की सेवाओं में और सुधार देखने को मिलेगा।
आगे क्या?
जिला प्रशासन अगले कुछ दिनों में निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर अस्पताल में आवश्यक सुधार लागू करेगा। सीटी स्कैन मशीन और सर्जरी विभाग की उपलब्धता को प्रशासन प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाएगा।





