
रुद्रप्रयाग — उत्तराखंड राज्य आंदोलन के महत्वपूर्ण चेहरे और यूकेडी के वरिष्ठ दिवंगत नेता दिवाकर भट्ट की अस्थि कलश यात्रा मंगलवार को रुद्रप्रयाग पहुंची, जहां बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्य बाजार में यात्रा के पहुंचते ही “दिवाकर भट्ट अमर रहें” के नारे गूंज उठे।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
स्वर्गीय दिवाकर भट्ट उत्तराखंड आंदोलन के प्रमुख नेताओं में शामिल रहे। उन्हें राज्य निर्माण आंदोलन की आत्मा कहा जाता है। उनके निधन के बाद यूकेडी द्वारा निकाली जा रही अस्थि कलश यात्रा प्रदेशभर के विभिन्न क्षेत्रों में ले जाई जा रही है, ताकि लोग अंतिम दर्शन कर सकें और उन्हें अपनी श्रद्धांजलि दे सकें।
रुद्रप्रयाग में श्रद्धांजलि का माहौल
मंगलवार को अस्थि कलश यात्रा के रुद्रप्रयाग पहुंचते ही बड़े पैमाने पर लोग जुटे। स्थानीय नागरिक, दुकानदार, व्यापारी और विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोग यात्रा में शामिल हुए। यूकेडी कार्यकर्ता उनके संघर्ष, विचारों और राज्य निर्माण में दिए गए योगदान को याद करते दिखे।
यूकेडी के केंद्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती ने कहा कि उत्तराखंड की अस्मिता की लड़ाई यूकेडी लगातार लड़ता आया है और आज भी कई मुद्दे अधूरे हैं। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान राज्य के युवाओं और माताओं ने बहुत बलिदान दिया, लेकिन अब भी उनके सपनों का राज्य साकार नहीं हो पाया है।
यात्रा आगे कहाँ जाएगी
अस्थि कलश यात्रा देर शाम गोपेश्वर के लिए रवाना हुई। आज बुधवार को यात्रा ऊखीमठ होते हुए टिहरी जनपद के लिए प्रस्थान करेगी। यूकेडी युवा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष आशीष नेगी ने कहा कि स्व. भट्ट के विचार आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा हैं और आंदोलन के इतिहास को समझना बेहद आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि रामपुर तिराहा कांड की याद आज भी सबके मन में ताज़ा है और वही भावना आंदोलन की आत्मा है। नेगी ने कहा कि यूकेडी कार्यकर्ता गांव–गांव जाकर लोगों को समझाएंगे कि जल–जंगल–जमीन के अधिकार, रोजगार, मूल निवास और राजधानी का सवाल अब भी अनसुलझा है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
श्रद्धांजलि यात्रा में शामिल युवा नेता मोहित डिमरी ने कहा कि स्व. दिवाकर भट्ट के दृढ़ संकल्प और संघर्ष की वजह से ही अलग उत्तराखंड राज्य का सपना पूरा हो पाया। उन्होंने कहा कि समय आ गया है जब राज्य के सभी राजनीतिक दल दलगत राजनीति से ऊपर उठकर दिवाकर भट्ट के सपनों के उत्तराखंड को साकार करने के लिए आगे आएं।
श्रद्धांजलि यात्रा में मौजूद लोग
कार्यक्रम में केंद्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती, केंद्रीय उपाध्यक्ष बहादुर सिंह रावत, पंकज व्यास, यूकेडी युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष आशीष नेगी, राजेंद्र बिष्ट, कैप्टन राकेश ध्यानी, युवा नेता मोहित डिमरी, पूर्व महामंत्री देवेंद्र चमोली, जिलाध्यक्ष सूरत सिंह झिंक्वाण, महामंत्री अजीत सिंह भंडारी, सुबोध नौटियाल, बलवीर चौधरी, देवप्रकाश भट्ट, रवि राणा, उपेंद्र पंत, अर्जुन कंडारी सहित कई लोग उपस्थित रहे।
आगे क्या?
अस्थि कलश यात्रा आने वाले दिनों में टिहरी सहित कई अन्य क्षेत्रों से गुजरते हुए राज्यभर में लोगों को दिवाकर भट्ट के योगदान और उनके संघर्ष की याद दिलाएगी। यूकेडी का कहना है कि यह यात्रा सिर्फ श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि राज्य के लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने का अभियान भी है।






