
रुड़की: ब्रह्मोस एयरोस्पेस में कार्यरत 27 वर्षीय युवा वैज्ञानिक निशांत अग्रवाल को पाकिस्तान को मिसाइल तकनीक लीक करने के आरोप में वर्ष 2018 में यूपी और महाराष्ट्र ATS ने गिरफ्तार किया था। आठ साल तक चले न्यायिक संघर्ष के बाद 1 दिसंबर 2025 को बॉम्बे हाईकोर्ट ने उन्हें सबूतों के अभाव में बरी कर दिया, जिसके बाद परिवार में छह वर्षों से रुकी खुशियां लौट आईं।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
अक्टूबर 2018 में निशांत अग्रवाल की गिरफ्तारी ने वैज्ञानिक समुदाय के साथ-साथ रुड़की के लोगों को भी हैरान कर दिया था। डीआरडीओ द्वारा “यंग साइंटिस्ट अवॉर्ड” मिलना उनके उज्ज्वल करियर का संकेत माना जा रहा था, लेकिन अचानक लगे जासूसी आरोपों ने परिवार और समाज में गहरी पीड़ा और संशय पैदा कर दिया। छह साल की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद हाईकोर्ट ने साफ किया कि तकनीक लीक होने के कोई भी पुख्ता सबूत मौजूद नहीं थे।
आधिकारिक जानकारी
निशांत की पत्नी क्षितिजा अग्रवाल और मां ऋतु अग्रवाल के अनुसार 8 अक्टूबर 2018 की सुबह साढ़े चार बजे ATS टीम ने घर में दबिश दी, मोबाइल और लैपटॉप कब्जे में लिए और निशांत को हिरासत में ले लिया।
करीब नौ महीने बाद चार्जशीट दाखिल हुई, लेकिन फोरेंसिक जांच में किसी डेटा ट्रांसफर के सबूत नहीं मिले।
3 जून 2024 को सेशन कोर्ट द्वारा आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने के बाद परिवार ने हाईकोर्ट में अपील की।
1 दिसंबर 2025 को बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ ने कहा कि अभियोजन पक्ष तकनीक ट्रांसफर का कोई भी विश्वसनीय प्रमाण नहीं दे पाया। इसलिए निशांत को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया गया।
अधिकारियों से इस फैसले पर टिप्पणी नहीं मिल सकी।
स्थानीय प्रतिक्रिया
परिजनों का कहना है कि गिरफ्तारी के बाद समाज के एक बड़े वर्ग ने शंका की निगाह से देखना शुरू कर दिया था, जबकि रिश्तेदारों ने भरोसा बनाए रखा।
मोहल्ले के कई लोगों ने बताया कि ATS की कार्रवाई के बाद माहौल तनावपूर्ण था और लोग हैरान थे कि एक युवा वैज्ञानिक पर इस तरह के आरोप कैसे लग सकते हैं।
निशांत की पत्नी क्षितिजा ने कहा कि फैसले ने साबित कर दिया कि उनका पति निर्दोष था। उन्होंने बताया कि पति ने जेल में रहते हुए बेटे को देखने से मना कर दिया था, यह कहते हुए कि “जब निर्दोष साबित हो जाऊँगा तभी सामने आऊँगा।”
आगे क्या?
हाईकोर्ट के फैसले के बाद परिवार कानूनी प्रक्रिया के समापन की प्रतीक्षा कर रहा है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अब निशांत अग्रवाल के करियर बहाली और सम्मान पुनर्स्थापना को लेकर आगे कदम उठाए जा सकते हैं। परिजनों ने उम्मीद जताई है कि सरकार और संबंधित संस्थाएँ इस निर्णय के बाद उचित सहायता और सम्मान लौटाने पर विचार करेंगी।







