
ऋषिकेश: तीर्थनगरी ऋषिकेश में 16 से 22 मार्च 2026 तक प्रस्तावित योग महोत्सव की तैयारियों को लेकर पर्यटन विभाग ने योगाचार्यों और पर्यटन विशेषज्ञों के साथ बैठक कर विस्तृत चर्चा की। मुनिकीरेती स्थित गंगा रिसॉर्ट में आयोजित इस बैठक में आयोजन की रूपरेखा, प्रचार-प्रसार और अंतरराष्ट्रीय सहभागिता को लेकर सुझाव लिए गए। योग शिक्षकों ने महोत्सव को और प्रभावी बनाने के लिए समन्वय, सूचना साझा करने और वैश्विक स्तर पर प्रचार पर विशेष जोर दिया।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
ऋषिकेश को विश्व योग राजधानी के रूप में जाना जाता है। हर वर्ष आयोजित होने वाला योग महोत्सव देश-विदेश से योग साधकों और पर्यटकों को आकर्षित करता है। इस आयोजन के माध्यम से न केवल योग परंपरा का प्रसार होता है, बल्कि स्थानीय पर्यटन और अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलता है।
आधिकारिक जानकारी
बैठक गढ़वाल मंडल विकास निगम के मुनिकीरेती स्थित गंगा रिसॉर्ट में आयोजित की गई। निगम के निदेशक विशाल मिश्रा ने बताया कि योग महोत्सव का आयोजन 16 से 22 मार्च 2026 तक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आयोजन को सफल और भव्य बनाने के लिए स्थानीय योगाचार्यों और पर्यटन विशेषज्ञों से लगातार सुझाव लिए जा रहे हैं।
योगाचार्यों के सुझाव
राजश्री योगशाला, श्यामपुर के निदेशक धनीराम बिंजोला ने सुझाव दिया कि क्षेत्र के सभी योग शिक्षकों के नाम और संपर्क नंबरों की सूची पर्यटन विभाग और गढ़वाल मंडल विकास निगम की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाए। इससे देश-विदेश से आने वाले योग साधकों को सही और प्रमाणिक जानकारी मिल सकेगी।
योगाचार्य वेदप्रकाश मैठाणी ने महोत्सव के व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर देते हुए कहा कि इसमें अंतरराष्ट्रीय योग विद्यार्थियों और विदेशी पर्यटकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि ऋषिकेश की वैश्विक योगनगरी की पहचान और सशक्त हो।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय योग शिक्षकों और पर्यटन से जुड़े लोगों का कहना है कि योग महोत्सव के माध्यम से ऋषिकेश को वैश्विक मंच पर और मजबूती मिलेगी। उनका मानना है कि यदि स्थानीय योगाचार्यों को आयोजन से सीधे जोड़ा जाए तो महोत्सव की गुणवत्ता और प्रभाव दोनों बढ़ेंगे।
आगे क्या होगा
पर्यटन विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में प्रचार रणनीति, प्रतिभागियों के पंजीकरण और कार्यक्रमों की अंतिम रूपरेखा तय की जाएगी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर योग महोत्सव के प्रचार के लिए भी प्रयास तेज किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक विदेशी योग साधक और पर्यटक ऋषिकेश पहुंच सकें।







