
ऋषिकेश: ठंड बढ़ने के बावजूद गंगा की लहरों पर राफ्टिंग का रोमांच कम नहीं हुआ है। मुनिकीरेती और तपोवन क्षेत्र में वीकेंड पर बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचे, जिससे राफ्टिंग से जुड़े कारोबारियों के चेहरों पर रौनक लौट आई है। दिल्ली–एनसीआर सहित कई राज्यों से आए पर्यटक सुबह से ही बुकिंग केंद्रों पर जुटे रहे।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
दिसंबर की ठिठुरन के बावजूद ऋषिकेश में साहसिक पर्यटन की रफ्तार बनी हुई है। राफ्टिंग सीजन आमतौर पर सर्दियों में धीमा पड़ता है, लेकिन इस बार उल्टा रुझान देखने को मिला है। मौसम की ठंडक भी पर्यटकों के उत्साह को रोक नहीं पा रही है।
अधिकारिक जानकारी
ईको टूरिज्म जोन कौड़ियाला–मुनिकीरेती में रविवार को सुबह से ही पर्यटक पहुंचने लगे। कई लोगों ने ऑनलाइन बुकिंग कर रखी थी, जबकि कुछ सीधे कंपनियों के बुकिंग कार्यालयों में पहुंचे।
साहसिक पर्यटन अधिकारी जसपाल सिंह चौहान के अनुसार:
– रविवार को 567 पर्यटकों ने राफ्टिंग की।
– बरसात के बाद शुरू हुए दूसरे सीजन में 30 हजार से अधिक पर्यटक अब तक राफ्टिंग कर चुके हैं।
शिवपुरी से लेकर खारास्रोत तक पूरे मार्ग में पर्यटक गंगा की लहरों पर राफ्टिंग का आनंद लेते दिखाई दिए। खारास्रोत पिकअप प्वाइंट पर दिनभर चहल–पहल बनी रही।
स्थानीय प्रतिक्रिया
राफ्टिंग व्यवसाय से जुड़े कारोबारी बताते हैं कि सर्दी के बावजूद इस वर्ष पर्यटकों की संख्या पिछले सालों की तुलना में अधिक है।
पर्यटन कारोबारी वैभव थपलियाल ने कहा, “पिछले कई दिनों से ठंड काफी बढ़ी है, लेकिन साहसिक पर्यटन के शौकीनों के लिए यह कोई बाधा नहीं है। इस बार सर्दी में भी सीजन काफी अच्छा चल रहा है।”
होटल, रेस्टोरेंट और अन्य स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि वीकेंड की भीड़ से उनका कारोबार भी मजबूत हुआ है।
पर्यटन का बढ़ता दायरा
दिल्ली, एनसीआर, हरियाणा, यूपी और आसपास के राज्यों से आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ने से स्थानीय पर्यटन को मजबूती मिली है। कई पर्यटक विशेष रूप से राफ्टिंग के रोमांच के लिए ही ऋषिकेश का रुख कर रहे हैं।
आगे क्या?
कारोबारियों का मानना है कि यदि मौसम साफ रहा, तो पूरे दिसंबर और जनवरी में राफ्टिंग का सीजन मजबूत रहने की संभावना है। बढ़ती मांग को देखते हुए कंपनियों ने अपनी बुकिंग स्लॉट भी बढ़ा दिए हैं।






