
ऋषिकेश: जिला प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर शासन ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए ऋषिकेश के उपनिबंधक हरीश कुमार को निलंबित कर मुख्यालय से संबद्ध कर दिया है। यह कार्रवाई बीते 28 जनवरी को जिलाधिकारी सविन बंसल द्वारा किए गए औचक निरीक्षण के बाद की गई है। निरीक्षण में पंजीकरण प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं, फर्जी कर्मचारी के माध्यम से रजिस्ट्रियां कराए जाने और वर्षों से संगठित रूप से स्टांप चोरी के प्रमाण सामने आने का दावा किया गया था। मामले को राजस्व हितों से जुड़ा संवेदनशील विषय माना जा रहा है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
28 जनवरी को जिलाधिकारी सविन बंसल ने उपनिबंधक कार्यालय का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि उपनिबंधक की अनुपस्थिति में अवैधानिक रूप से रजिस्ट्रियां की जा रही थीं।
जांच में यह भी सामने आया कि पंजीकृत दस्तावेजों को महीनों और वर्षों तक कार्यालय में दबाकर रखा गया। इसके अलावा कार्यालय में बाहरी व्यक्ति द्वारा रजिस्ट्रेशन कार्य कराए जाने की बात भी उजागर हुई।
रिपोर्ट में यह आशंका जताई गई कि इन अनियमितताओं के कारण शासन को करोड़ों रुपये के राजस्व नुकसान की संभावना है।
जांच के दौरान दून घाटी विशेष महायोजना-2031 के अंतर्गत औद्योगिक भू-उपयोग वाली भूमि को आवासीय दर्शाकर दर्जनों छोटे भू-खण्डों में रजिस्ट्री कराए जाने का मामला भी सामने आया। इसे भूमि उपयोग नियमों के गंभीर उल्लंघन के रूप में देखा जा रहा है।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
निरीक्षण में पाई गई कमियों के आधार पर जिलाधिकारी सविन बंसल ने उपनिबंधक हरीश कुमार के निलंबन और अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति शासन को भेजी थी।
जिला प्रशासन की रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए शासन ने हरीश कुमार को निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान वे मुख्यालय में संबद्ध रहेंगे। मामले में आगे की विभागीय जांच की प्रक्रिया भी प्रारंभ होने की संभावना है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
कार्यालय से जुड़े अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों का कहना है कि पिछले कुछ समय से पंजीकरण कार्य में देरी और प्रक्रिया को लेकर शिकायतें मिल रही थीं। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि जांच निष्पक्ष रूप से होती है तो राजस्व और भूमि से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बढ़ेगी।
आगे क्या होगा
विभागीय स्तर पर विस्तृत जांच की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही राजस्व हानि का आकलन भी किया जाएगा।
Rishikesh News आगे भी इस मामले की अपडेट देता रहेगा।
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