
ऋषिकेश: शांतिनगर हीरालाल मार्ग पर बुधवार सुबह घरेलू गैस सिलेंडर में रिसाव के कारण अचानक विस्फोट हो गया, जिसमें 48 वर्षीय कालीचरण गंभीर रूप से झुलस गए। आग की लपटों में घर का काफी सामान भी जलकर राख हो गया। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने आग पर काबू पाया और घायल को अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें एम्स ऋषिकेश रेफर कर दिया गया।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
ऋषिकेश में बीते कुछ महीनों से घरेलू गैस रिसाव से जुड़े हादसे बढ़े हैं, जिनमें जागरूकता और समय पर जांच की कमी अक्सर गंभीर स्थिति पैदा कर देती है। शांतिनगर में हुआ यह ताज़ा हादसा भी इसी लापरवाही का परिणाम माना जा रहा है। क्षेत्र में कई पुराने सिलेंडरों की शिकायतें पहले भी सामने आ चुकी हैं।
आधिकारिक जानकारी
घटना बुधवार पूर्वान्ह करीब 11 बजे की है। शांतिनगर के गली नंबर चार में किराये पर रह रहे कालीचरण चाय बनाने के लिए रसोई में गए थे। जैसे ही उन्होंने गैस लाइटर जलाया, सिलेंडर से हो रहे रिसाव के कारण जोरदार धमाका हुआ और रसोई में आग भड़क उठी। तेज लपटों के कारण उनका चेहरा और शरीर का ऊपरी हिस्सा बुरी तरह झुलस गया।
परिजनों ने तुरंत आपातकालीन 108 सेवा को सूचना दी। एंबुलेंस टीम ने कालीचरण को राजकीय चिकित्सालय पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने बताया कि वह करीब 20 प्रतिशत तक झुलस चुके हैं। गंभीर अवस्था को देखते हुए उन्हें एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया है।
स्थानीय लोगों के प्रयास से आग पर काबू पा लिया गया, लेकिन घर में रखा सामान, कपड़े और अन्य सामग्री जलकर नष्ट हो गई।
स्थानीय प्रतिक्रिया
शांतिनगर के लोगों ने बताया कि धमाका इतना तेज था कि आसपास के घरों में हलचल मच गई। कई लोग आग बुझाने में तुरंत जुट गए, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
पीड़ित की पत्नी, जो दिव्यांग हैं, ने बताया कि फरवरी में उनकी बेटी की शादी है और घर में रखी नई सामग्री तथा कपड़े आग में जलकर खराब हो गए। उन्होंने प्रशासन से आर्थिक सहायता और राहत की मांग की है।
स्थानीय लोगों ने भी जिला प्रशासन से कहा कि पीड़ित परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है और तत्काल सहायता की आवश्यकता है।
अगला कदम / आगे क्या
प्रशासन की ओर से हादसे की जानकारी संबंधित विभागों को भेज दी गई है। फायर सर्विस और गैस एजेंसी द्वारा सिलेंडर और रेगुलेटर की जांच की जाएगी। प्रशासन पीड़ित परिवार को सहायता उपलब्ध कराने की संभावना पर विचार कर रहा है। क्षेत्र में गैस सुरक्षा को लेकर अवगतता अभियान चलाने की भी आवश्यकता महसूस की जा रही है।






