
ऋषिकेश: रविवार को ऋषिकेश रोडवेज बस अड्डे पर यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ी। प्रधानमंत्री की देहरादून रैली में भाग लेने के लिए रोडवेज की 15 बसें भेजे जाने के कारण ऋषिकेश से हरिद्वार और देहरादून रूट पर बस सेवाएं प्रभावित रहीं। नतीजतन यात्रियों को घंटों बसों का इंतजार करना पड़ा और जो भी बस आती, उसके पीछे लोग दौड़ पड़ते।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
देहरादून में रविवार को आयोजित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली में राज्यभर से लोगों को लाने-ले जाने के लिए परिवहन विभाग ने विशेष इंतजाम किए थे। इसी क्रम में ऋषिकेश डिपो से भी 15 रोडवेज बसों को रैली के लिए भेजा गया। लेकिन इन बसों के जाने से स्थानीय रूटों पर परिवहन व्यवस्था चरमरा गई।
यात्रियों को हुई परेशानी
रविवार को ऋषिकेश रोडवेज बस अड्डे पर सुबह से ही यात्रियों की भीड़ लगी रही। देहरादून, हरिद्वार और दिल्ली रूट की बसें नहीं मिलने से यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ा। जैसे ही कोई बस आती, यात्री उस पर चढ़ने के लिए दौड़ पड़ते। यह स्थिति पूरे दिन बनी रही।
स्थानीय यात्रियों ने बताया कि “सुबह से बस का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन देहरादून की बसें बहुत कम चल रही हैं। जो बस आती है, उसमें पहले से ही भीड़ होती है।”
रोडवेज अधिकारियों की कार्रवाई
रोडवेज अधिकारियों ने स्थिति को संभालने के लिए अनुबंधित (Contract) बस चालकों से अतिरिक्त फेरे लगवाए। इससे कुछ हद तक राहत मिली, लेकिन भीड़ पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो पाई।
वरिष्ठ केंद्र प्रभारी अबरार अहमद ने बताया — “रोडवेज की 15 बसों को देहरादून में आयोजित रैली में भेजा गया था। यह बसें शनिवार को एआरटीओ ऋषिकेश के सुपुर्द की गई थीं। वीकेंड पर हरिद्वार और देहरादून रूट पर यात्रियों का दबाव था, इसलिए कुछ बसों के अतिरिक्त फेरे लगवाकर स्थिति नियंत्रित की गई।”
स्थानीय स्थिति
आईएसबीटी ऋषिकेश पर सुबह से शाम तक बसों की मांग बनी रही। कई यात्रियों को वैकल्पिक साधनों जैसे टैक्सी या निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि “त्योहार और वीकेंड पर बसों की संख्या कम करना यात्रियों के लिए मुश्किलें बढ़ा देता है।”
आगे क्या होगा
रोडवेज प्रशासन ने कहा है कि सोमवार से सभी बसें अपने सामान्य रूट पर लौट आएंगी और नियमित संचालन बहाल किया जाएगा। साथ ही वीकेंड और त्योहारों पर अतिरिक्त बसें चलाने की योजना पर विचार किया जा रहा है।






