
ऋषिकेश: ऋषिकेश के गंगा नगर क्षेत्र में एक एनआरआई की संपत्ति पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए कब्जा करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है।
किरायेदार परिवार पर आरोप है कि उन्होंने 100 रुपये के स्टांप पेपर पर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर संपत्ति अपने नाम दर्ज करा ली।
विदेश में था मालिक, यहां रचा गया खेल
मूल स्वामी रमेश कुमार मोदगिल, जो वर्तमान में डेनमार्क में रहते हैं, ने वर्ष 1997 में यह संपत्ति खरीदी थी।
स्वास्थ्य कारणों से विदेश में रहने के दौरान उनकी संपत्ति की देखभाल के लिए मदन लाल शर्मा को केयरटेकर रखा गया था।
फर्जी दस्तावेज से कराया नामांतरण
आरोप है कि केयरटेकर मदन लाल शर्मा ने अपने परिवार और अन्य लोगों के साथ मिलकर फर्जी अनुबंध पत्र तैयार किए और नगर निगम के रिकॉर्ड में संपत्ति अपने नाम दर्ज करा ली।
यह पूरा खेल महज 100 रुपये के स्टांप पेपर के जरिए किया गया।
मौत के बाद भी जारी रही साजिश
साल 2021 में मदन लाल शर्मा की मौत हो गई, लेकिन यह जानकारी जानबूझकर मूल स्वामी को नहीं दी गई।
इसके बाद उसके परिवार ने कथित रूप से इस साजिश को आगे बढ़ाया।
किराया भी हड़पने का आरोप
शिकायत के अनुसार, आरोपितों ने कोरोना काल के बाद से करीब 5 लाख रुपये का किराया भी नहीं दिया।
निगम जांच में खुली सच्चाई
डीएम को दी गई शिकायत के बाद जांच में पाया गया कि नामांतरण के लिए कोई वैध दस्तावेज मौजूद नहीं थे, जिससे फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई।
पुलिस ने दर्ज किया केस
पुलिस ने स्वर्गीय मदन लाल शर्मा के परिवार के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र और धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कोतवाली प्रभारी कैलाश चंद्र भट्ट के अनुसार, मामले की गहन जांच की जा रही है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मामला भरोसे के दुरुपयोग और प्रॉपर्टी फ्रॉड का गंभीर उदाहरण है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।





