
ऋषिकेश के मुनि की रेती स्थित नावघाट पर शुक्रवार सुबह उस समय बड़ा हादसा टल गया, जब तेज धार में बह रहे चाचा–भतीजी को जल पुलिस और आपदा राहत दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सुरक्षित बाहर निकाल लिया। दोनों उत्तर प्रदेश के बदायूं से आए परिवार के सदस्य थे।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
ऋषिकेश में गंगा किनारे पर्यटन और स्नान के दौरान कई बार तेज बहाव के कारण हादसे होते रहे हैं। स्थानीय प्रशासन लगातार सावधानी बरतने की अपील करता है, लेकिन अचानक बढ़ी धार या फिसलन कई बार गंभीर स्थिति पैदा कर देती है।
अधिकारिक जानकारी
घटना शुक्रवार सुबह करीब 10:30 बजे नावघाट क्षेत्र में हुई। बदायूं से तीर्थनगरी घूमने आए पांच सदस्यीय परिवार में शामिल एक किशोरी गंगा में स्नान कर रही थी, तभी अचानक तेज बहाव में बहने लगी। उसे बचाने के लिए उसके चाचा अरुण कुमार भी नदी में कूद पड़े, लेकिन गंगा की तीव्र धारा ने उन्हें भी बहाव में खींच लिया।
घाट पर मौजूद लोग स्थिति को देखकर घबरा गए और तुरंत सूचना जल पुलिस को दी। गश्त पर तैनात जल पुलिस टीम और आपदा राहत दल मौके पर पहुंचा और चाचा–भतीजी दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
स्थानीय प्रतिक्रिया
घटना के बाद घाट पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली।
एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा, “धारा इतनी तेज थी कि दोनों पलक झपकते ही दूर चले गए। अगर तुरंत रेस्क्यू न होता, तो बड़ी अनहोनी हो सकती थी।”
परिजनों ने जल पुलिस और रेस्क्यू टीम का आभार जताते हुए कहा कि समय पर मिली मदद से उनकी जान बच गई।
आगे क्या होगा
स्थानीय पुलिस और SDRF ने पर्यटकों से अपील की है कि गंगा किनारे स्नान करते समय सतर्क रहें और निर्धारित सुरक्षित क्षेत्र में ही उतरें। प्रशासन नावघाट और आसपास के क्षेत्रों में गश्त और सतर्कता बढ़ाने की योजना बना रहा है।






