
ऋषिकेश। महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष की गिरफ्तारी की सूचना के बाद सोमवार शाम को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कोतवाली परिसर में सरकार और पुलिस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में कार्यकर्ता कोतवाली पहुंचे, जहां पुलिस के विभागीय वाहन भी मौजूद थे। बाद में यह जानकारी सामने आई कि महिला कांग्रेस अध्यक्ष को कोतवाली लाने के बजाय इंद्रमणि बडोनी चौक से वापस देहरादून ले जाया गया है। इस घटनाक्रम ने कार्यकर्ताओं में आक्रोश बढ़ा दिया और कोतवाली परिसर में नारेबाजी शुरू हो गई। मामला राजनीतिक गतिविधियों और पुलिस कार्रवाई को लेकर पारदर्शिता के सवाल खड़े करता है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
राजनीतिक दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी को लेकर अक्सर प्रशासनिक प्रक्रिया और सूचना के प्रवाह पर सवाल उठते रहे हैं। सोमवार की घटना भी इसी कड़ी में देखी जा रही है, जहां पहले गिरफ्तारी की सूचना और बाद में स्थान परिवर्तन की जानकारी से भ्रम की स्थिति बनी।
आधिकारिक जानकारी
सोमवार शाम करीब साढ़े चार बजे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को सूचना मिली कि महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला सहित कई महिला कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर कोतवाली लाया है। इसके बाद रायवाला के प्रभारी निरीक्षक आरएस खोलिया और ऋषिकेश प्रभारी निरीक्षक केसी भट्ट के विभागीय वाहन कोतवाली परिसर में देखे गए। कुछ समय बाद कार्यकर्ताओं को सूचना मिली कि पुलिस महिला कांग्रेस अध्यक्ष और अन्य महिला कार्यकर्ताओं को इंद्रमणि बडोनी चौक से वापस देहरादून ले गई है। इस संबंध में अधिकारी टिप्पणी करने से बचते दिखे।
स्थानीय प्रतिक्रिया
कोतवाली परिसर में मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने स्पष्ट जानकारी नहीं दी, जिससे भ्रम और नाराज़गी फैली। कार्यकर्ताओं का कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने पर इस तरह की कार्रवाई स्वीकार्य नहीं है।
आंकड़े / तथ्य
घटना के दौरान कोतवाली परिसर में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एकत्र हुए और काफी देर तक मौजूद रहे। शाम के समय विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी जारी रही।
आगे क्या होगा
कांग्रेस नेताओं ने संकेत दिए हैं कि यदि इस मामले में स्थिति स्पष्ट नहीं की गई तो आगे भी विरोध दर्ज कराया जाएगा। पुलिस और प्रशासन की ओर से आगे की कार्रवाई और स्पष्टीकरण पर सभी की नजर बनी हुई है।






