
ऋषिकेश: सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद शनिवार 27 दिसंबर को ऋषिकेश के शिवाजी नगर, मीरा नगर, बापू ग्राम, मनसा देवी और गुमानीवाला क्षेत्रों में वन विभाग की टीम वन भूमि की नपाई के लिए पहुंची। इस कार्रवाई का स्थानीय लोगों ने कड़ा विरोध किया, जिसके चलते हालात तनावपूर्ण हो गए। लोगों का कहना है कि वे वर्षों से इन इलाकों में रह रहे हैं और अचानक हुई इस कार्रवाई से उनमें डर और अनिश्चितता का माहौल बन गया है। प्रशासन के लिए यह मामला इसलिए अहम है क्योंकि यह सीधे तौर पर हजारों परिवारों की सुरक्षा और भविष्य से जुड़ा हुआ है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
ऋषिकेश के कई रिहायशी इलाकों में लंबे समय से वन भूमि को लेकर विवाद चलता आ रहा है। बापू ग्राम सहित कुछ क्षेत्रों में पहले भी नपाई और चिन्हांकन को लेकर विरोध सामने आता रहा है। सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश के बाद यह मुद्दा फिर से चर्चा में आ गया है, जिससे स्थानीय लोगों में आशंका बढ़ गई है।
आधिकारिक जानकारी
वन विभाग और प्रशासन की टीम ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। अधिकारियों ने लोगों को भरोसा दिलाया कि किसी भी मकान को नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा और केवल खाली पड़ी जमीन की ही नपाई और चिन्हांकन होगा। प्रशासन ने कहा कि यह प्रक्रिया कानूनी दायरे में और पूरी पारदर्शिता के साथ की जाएगी।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि वन विभाग की टीम को शिवाजी नगर में घुसने से भी रोका गया और करीब तीन घंटे तक विरोध प्रदर्शन चलता रहा। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि लोग अपने घरों और जमीन को लेकर डरे हुए हैं क्योंकि उन्हें पहले कोई सूचना नहीं दी गई थी। व्यापारियों और स्थानीय निवासियों ने कहा कि वे यहां तीन पीढ़ियों से रह रहे हैं और इस तरह की कार्रवाई से उनका भविष्य खतरे में नजर आ रहा है।
विशेषज्ञ / जनप्रतिनिधि की प्रतिक्रिया
मौके पर पहुंचे ऋषिकेश के मेयर शंभू पासवान ने बताया कि 22 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट की ओर से आदेश जारी किया गया था, जिसके बाद वन विभाग ने नपाई शुरू की। उन्होंने कहा कि मकानों को छोड़कर खाली जमीन पर ही बोर्ड लगाए जाएंगे और इसी प्रक्रिया के तहत समिति का गठन किया गया है।
आंकड़े / तथ्य
स्थानीय जनप्रतिनिधियों के अनुसार इस पूरे इलाके में करीब 1.5 से 2 लाख की आबादी रहती है, जो इस कार्रवाई से खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है। बापू ग्राम क्षेत्र में लगभग 500 एकड़ भूमि की नपाई का जिक्र भी किया गया है।
आगे क्या होगा
प्रशासन का कहना है कि लोगों को समझाकर शांतिपूर्ण तरीके से नपाई की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। वहीं स्थानीय जनता ने साफ कर दिया है कि वे अहिंसक तरीके से इस कार्रवाई का विरोध जारी रखेंगे। आने वाले दिनों में प्रशासन और स्थानीय प्रतिनिधियों के बीच बैठक कर समाधान निकालने की कोशिश की जा सकती है।







