
ऋषिकेश: क्षेत्र में वनभूमि सर्वे को लेकर पैदा हुई तनावपूर्ण स्थिति पर कांग्रेस ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को रेलवे रोड स्थित एक होटल में आयोजित प्रेसवार्ता में कांग्रेस नेताओं ने स्थानीय लोगों के साथ संवाद न करने, पुलिस कार्रवाई और कथित उत्पीड़न को लेकर सरकार और प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए। साथ ही, अंकिता भंडारी हत्याकांड में सीबीआई जांच की मांग को दोहराते हुए सरकार पर प्रभावशाली लोगों को बचाने के आरोप लगाए गए। कांग्रेस का कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम ने जनभावनाओं को आहत किया है और स्थिति को और गंभीर बना दिया है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
वनभूमि सर्वे को लेकर ऋषिकेश के कई इलाकों में लंबे समय से असंतोष बना हुआ है। स्थानीय निवासियों का दावा है कि वे पीढ़ियों से इन क्षेत्रों में रह रहे हैं और अचानक कार्रवाई की आशंका से भयभीत हैं। हालिया सर्वे के दौरान विरोध और तनाव बढ़ा, जिसके बाद पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज हो गई।
आधिकारिक जानकारी
प्रेसवार्ता में उत्तराखंड कांग्रेस चुनाव अभियान समिति अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि वनभूमि सर्वे से पहले प्रभावित लोगों से बातचीत की जानी चाहिए थी। उन्होंने आरोप लगाया कि लाठीचार्ज और घरों में घुसकर उत्पीड़न की घटनाएं सामने आई हैं, जो स्वीकार्य नहीं हैं।
चुनाव प्रबंधन समिति अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि पूर्व में हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद सरकारों ने कानूनी रास्तों से समाधान निकाला था, लेकिन इस बार सरकार ने संवाद की बजाय कठोर रुख अपनाया है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि सर्वे के दौरान अनिश्चितता और डर का माहौल बन गया है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पुलिस की कार्रवाई से आम नागरिकों में आक्रोश बढ़ा है और भरोसा कमजोर हुआ है।
अंकिता भंडारी हत्याकांड पर मांग
कांग्रेस नेताओं ने एक बार फिर अंकिता भंडारी हत्याकांड में हाईकोर्ट के सीटिंग जज की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग दोहराई। प्रीतम सिंह ने कहा कि यदि सरकार को आरोपों पर संदेह है, तो निष्पक्ष जांच कराकर सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए। डॉ. हरक सिंह रावत ने इसे सरकार का नैतिक दायित्व बताया।
संख्यात्मक विवरण
प्रेसवार्ता में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे, जिनमें जिला पंचायत अध्यक्ष सुखविंदर कौर, ब्लॉक प्रमुख गौरव चौधरी, पूर्व मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण, कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल थे।
आगे क्या होगा
कांग्रेस नेताओं ने संकेत दिए हैं कि यदि सरकार ने संवाद और निष्पक्ष जांच की दिशा में कदम नहीं उठाए, तो पार्टी इस मुद्दे को सड़क से सदन तक ले जाएगी। आने वाले दिनों में वनभूमि सर्वे और अंकिता हत्याकांड को लेकर राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।







