
ऋषिकेश: वन भूमि सर्वे के बाद चिन्हित भूखंडों पर प्रस्तावित तारबाड़ की कार्रवाई को लेकर ऋषिकेश में विरोध तेज हो गया है। प्रभावित क्षेत्रों के लोग एकजुट होकर गांधीवादी तरीके से आंदोलन की तैयारी में जुट गए हैं। विरोधस्वरूप मौन जुलूस निकालने का निर्णय लिया गया है, वहीं जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री और वन मंत्री से मुलाकात कर अपनी आपत्तियां रखने की योजना बना रहा है। आंदोलनकारियों का आरोप है कि वन विभाग सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की गलत व्याख्या कर कार्रवाई आगे बढ़ा रहा है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
ऋषिकेश वन रेंज के अंतर्गत कई वार्डों में वन भूमि सर्वे के बाद बड़े भूखंड चिन्हित किए गए हैं। इन भूखंडों पर तारबाड़ की योजना को लेकर पहले भी स्थानीय स्तर पर असंतोष सामने आ चुका है। अब प्रभावित लोग इसे लेकर संगठित विरोध के रास्ते पर उतर आए हैं।
बापूग्राम में बैठक, आंदोलन की रूपरेखा तय
रविवार को बापूग्राम स्थित भूमि वाले देवता मंदिर परिसर में दर्जनों लोग एकत्र हुए। बैठक में बापूग्राम बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक रमेश जुगलान और सहसंयोजक के रूप में सर्वे से जुड़े 12 वार्डों के पार्षद शामिल रहे। समिति के समन्वयक रविंद्र राणा ने कहा कि तारबाड़ की कार्रवाई के विरोध में अहिंसक और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन किया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट आदेश को लेकर आपत्ति
समिति का आरोप है कि सुप्रीम कोर्ट में पहले ही चिन्हित भूखंडों की पूरी जानकारी लिखित रूप में प्रस्तुत की जा चुकी है, लेकिन अदालत के आदेश में कहीं भी तारबाड़ करने का उल्लेख नहीं है। आंदोलनकारियों का कहना है कि इसके बावजूद तारबाड़ की कार्रवाई करना आदेशों की भावना के विपरीत है। इसे लेकर मौन जुलूस और अन्य गांधीवादी तरीकों से विरोध दर्ज कराने का फैसला लिया गया है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से आबादी वाले इलाकों में अचानक तारबाड़ की योजना से असमंजस और भय का माहौल बन गया है। प्रभावितों का दावा है कि यदि संवाद के जरिए समाधान नहीं निकाला गया तो हजारों लोग आंदोलन में शामिल होंगे।
वन विभाग का पक्ष
रविवार को वन विभाग की टीम ने चिन्हित भूखंडों पर तारबाड़ की कार्रवाई नहीं की। हालांकि, सर्वे से संबंधित क्षेत्रों में मुनादी कर लोगों को आगामी कार्रवाई की जानकारी दी गई। रेंजर जीएस धमांदा के अनुसार सोमवार से फिर तारबाड़ की कार्रवाई शुरू की जाएगी और सभी चिन्हित भूखंडों पर यह प्रक्रिया पूरी की जानी है। उन्होंने स्थानीय लोगों से सहयोग और संयम बरतने की अपील की है।
आगे क्या होगा
आंदोलनकारी समिति के अनुसार जल्द ही प्रभावित क्षेत्रों के लोग मौन जुलूस निकालेंगे और एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री तथा वन मंत्री से मुलाकात करेगा। वहीं, वन विभाग ने भी अपनी कार्रवाई जारी रखने के संकेत दिए हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच संवाद या टकराव की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।







