
नैनीताल: ऋषिकेश के रिज़र्व फॉरेस्ट एरिया और फॉरेस्ट आवासीय कॉलोनी के प्रवेश द्वार पर आबकारी विभाग द्वारा शराब की दुकान खोले जाने की अनुमति के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने सुनवाई की। मुख्य न्यायाधीश जी. नरेंद्र और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने आबकारी आयुक्त को निर्देश दिए कि ग्रामीणों के प्रत्यावेदन पर तीन सप्ताह के भीतर विधि अनुसार निर्णय लिया जाए।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
क्षेत्रवासी लंबे समय से इस शराब दुकान के विरोध में हैं। उनका कहना है कि दुकान रिज़र्व फॉरेस्ट एरिया में स्थित है, जहाँ व्यावसायिक गतिविधियाँ प्रतिबंधित हैं। इसके बावजूद आबकारी विभाग ने नियमों के विरुद्ध जाकर लाइसेंस जारी कर दिया। ग्रामीण अप्रैल माह से लगातार इस मुद्दे को उठाते आ रहे हैं लेकिन उनकी शिकायतों पर विभागीय स्तर पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
आधिकारिक जानकारी
मामले में ऋषिकेश निवासी कर्मवीर सिंह ने जनहित याचिका दायर करते हुए कहा कि फॉरेस्ट कॉलोनी के प्रवेश द्वार पर शराब की दुकान खोले जाने से स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि शराब पीने के बाद लोग कॉलोनी गेट के पास हंगामा करते हैं, जिससे आवागमन बाधित होता है और कॉलोनी में रहने वाले परिवारों, खासकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा प्रभावित होती है।
कोर्ट ने सुनवाई के बाद याचिका का निस्तारण करते हुए ग्रामीणों से कहा कि वे अपनी शिकायत दोबारा आबकारी आयुक्त को दें। साथ ही आबकारी आयुक्त को आदेश दिया गया कि ग्रामीणों द्वारा दिए जाने वाले प्रत्यावेदन पर तीन सप्ताह के भीतर विधिक प्रक्रिया के अनुसार निर्णय लिया जाए।
स्थानीय प्रतिक्रिया
क्षेत्रवासियों ने कोर्ट के निर्देशों को सकारात्मक कदम बताया है। उनका कहना है कि रिज़र्व फॉरेस्ट एरिया और आवासीय कॉलोनी के प्रवेश द्वार पर दुकान खोलना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है। कई लोगों ने बताया कि दुकान के कारण असामाजिक गतिविधियाँ बढ़ रही हैं और कॉलोनी में असुरक्षा की भावना उत्पन्न हो गई है।
आगे क्या?
अब नजर आबकारी आयुक्त के निर्णय पर टिकी है। ग्रामीणों का कहना है कि वे याचिका में उठाए गए बिंदुओं के साथ नया प्रत्यावेदन जल्द ही जमा करेंगे। यदि विभाग ने समय पर उचित निर्णय नहीं लिया, तो वे दोबारा कानूनी कदम उठाने के लिए तैयार हैं। विभागीय निर्णय आने तक दुकान को लेकर विवाद जारी रहने की संभावना है।







