
ऋषिकेश: आवास विकास कॉलोनी में सोमवार दोपहर करीब 2 बजे करीब ढाई महीने का भ्रूण मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने भ्रूण को कब्जे में लेकर एम्स भेज दिया, जहाँ उसका डीएनए परीक्षण कराया जाएगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज कर दी है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों में लिंग चयन और भ्रूण के अवैध निस्तारण से जुड़ी घटनाएँ समय–समय पर सामने आती रही हैं। हालांकि ऐसी घटनाएँ कम होती हैं, लेकिन जब भी किसी आवासीय कॉलोनी में भ्रूण मिलता है, तो यह स्थानीय समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय बन जाता है। आवास विकास कॉलोनी में मिले भ्रूण ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं कि यह स्थिति कैसे उत्पन्न हुई।
आधिकारिक जानकारी
सोमवार दोपहर समाजसेवी रोमा सहगल ने एम्स पुलिस चौकी को सूचना दी कि एक घर के बाहर संदिग्ध परिस्थितियों में भ्रूण पड़ा मिला है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुँची और आसपास के निवासियों से पूछताछ की। इसके बाद भ्रूण को कब्जे में लेकर एम्स भेज दिया गया।
क्षेत्राधिकारी पूर्णिमा गर्ग ने बताया कि भ्रूण का डीएनए टेस्ट कराकर सुरक्षित रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि भ्रूण कॉलोनी में कैसे और किसके द्वारा लाया गया।
उन्होंने कहा कि जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय प्रतिक्रिया
घटना के बाद आवास विकास कॉलोनी में लोगों के बीच तरह–तरह की चर्चाएँ शुरू हो गईं। कई लोगों ने इस घटना को बेहद दुखद बताया और पुलिस से कठोर कार्रवाई की मांग की।
समाजसेवी रोमा सहगल ने आशंका जताई कि यह मामला भ्रूण के लिंग परीक्षण से जुड़ा हो सकता है। उनका कहना है कि संभवतः यह भ्रूण एक बच्ची का है, जिसे जन्म लेने से पहले ही मारकर फेंक दिया गया।
कुछ स्थानीय महिलाओं ने कहा कि ऐसी घटनाएँ समाज को झकझोर देती हैं और यह संकेत हैं कि लिंगभेद की कुरीति अब भी समाज की जड़ों में मौजूद है।
आंकड़े और तथ्य
पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस तरह की घटनाओं में डीएनए टेस्ट और सीसीटीवी फुटेज जांच मामले की दिशा तय करते हैं। टीम ने प्रारंभिक रूप से आसपास की गलियों और घरों के बाहर लगे कैमरों को स्कैन करना शुरू कर दिया है।
घर–घर पूछताछ भी की जा रही है ताकि उस व्यक्ति की पहचान की जा सके जिसने भ्रूण को यहां छोड़ा।
आगे क्या?
पुलिस अगले 24–48 घंटों में डीएनए प्रोफाइलिंग और सीसीटीवी रिकॉर्डिंग के आधार पर महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद कर रही है। स्वास्थ्य विभाग को भी मामले की जानकारी दे दी गई है और यदि लिंग चयन की पुष्टि होती है तो PCPNDT कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।







