
ऋषिकेश के वीरपुर खुर्द पशुलोक क्षेत्र में स्थित कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) पर एसडीएम योगेश मेहरा ने औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान गंभीर अनियमितताएँ सामने आने पर सेंटर को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया और संचालक के खिलाफ कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को पत्र भेजा गया।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
हाल के दिनों में डिजिटल सेवाओं और दस्तावेज़ सत्यापन संबंधी अनियमितताओं की शिकायतें बढ़ी हैं, खासकर उन क्षेत्रों में जहां ग्रामीण जनता सरकारी सेवाओं के लिए सीएससी पर निर्भर रहती है। ऐसे में प्रशासन ने सतर्कता बढ़ाते हुए यादृच्छिक जांच की प्रक्रिया तेज की है।
आधिकारिक जानकारी
एसडीएम योगेश मेहरा ने बताया कि निरीक्षण के दौरान कई अनियमितताएँ पाई गईं। सीएससी के बाहर लगे बोर्ड पर संचालक का नाम विभा नामदेव लिखा था, जबकि संचालन की आईडी मनीषा नामदेव के नाम से जारी की गई थी।
सेंटर में प्रमाणपत्र जारी करने से संबंधित पंजिका (रजिस्टर) उपलब्ध नहीं था। इसके अलावा बड़ी संख्या में लोगों के आधार कार्ड, राशन कार्ड, श्रम कार्ड सहित कई मूल दस्तावेज भी सेंटर के भीतर पाए गए, जिनके दुरुपयोग की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
जांच के दौरान बीपीएल सर्वेक्षण 2002 से संबंधित खाली कार्ड भी बरामद किए गए, जिन पर संचालक कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।
एसडीएम ने बताया कि स्थिति को देखते हुए सेंटर का संचालन अग्रिम आदेशों तक रोक दिया गया है और संचालक के विरुद्ध कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेज दी गई है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
ग्रामीणों का कहना है कि सेंटर पर लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं। लोगों ने प्रशासन की कार्रवाई का स्वागत किया है और कहा है कि ऐसे सेंटरों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होना जरूरी है।
आगे क्या
जिलाधिकारी कार्यालय द्वारा रिपोर्ट की जांच के बाद संचालक के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जा सकती है। साथ ही डिजिटल और दस्तावेज़ सेवाओं से जुड़े अन्य केंद्रों की भी जांच की संभावना जताई जा रही है।







