
ऋषिकेश: तीर्थनगरी ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों में शनिवार को कड़ाके की ठंड ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया। न्यूनतम तापमान गिरकर पांच डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि सुबह घने कोहरे और दिनभर बनी रही धुंध के कारण दृश्यता बेहद कम रही। सर्द हवाओं के चलते लोग कंपकंपाते नजर आए और सड़कों पर यातायात की रफ्तार धीमी पड़ गई। ठंड और कोहरे का असर बाजारों, घाटों और सार्वजनिक स्थलों पर साफ दिखाई दिया, जिससे सामान्य दिनचर्या बाधित रही।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
पिछले कुछ दिनों से उत्तराखंड के मैदानी और तराई क्षेत्रों में तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। ऋषिकेश जैसे पर्यटन और तीर्थ स्थल पर ठंड का सीधा असर स्थानीय गतिविधियों के साथ पर्यटकों की आवाजाही पर भी पड़ता है। सर्दियों में कोहरे की समस्या पहले भी रही है, लेकिन इस बार ठंड की तीव्रता अधिक महसूस की जा रही है।
आधिकारिक जानकारी
मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को न्यूनतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया। सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने से कई इलाकों में दृश्यता दस मीटर से भी कम रही। दोपहर बाद कोहरा कुछ हद तक छंटा, लेकिन बादल और धुंध बने रहने से ठंड से राहत नहीं मिली। शाम होते-होते फिर से घना कोहरा छा गया और रात में ठंड और बढ़ गई।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि ठंड और कोहरे के कारण सुबह के समय घर से निकलना मुश्किल हो गया है। व्यापारियों ने बताया कि बाजारों में अन्य दिनों की तुलना में चहल-पहल काफी कम रही, जबकि घाटों और सार्वजनिक स्थलों पर भी सन्नाटा पसरा रहा।
आंकड़े / तथ्य
न्यूनतम तापमान लगभग 5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह के समय दृश्यता कई स्थानों पर 10 मीटर से कम रही। बस अड्डों और पहाड़ी क्षेत्रों की ओर जाने वाले मार्गों पर यात्रियों की संख्या में भी गिरावट देखी गई।
आगे क्या होगा
मौसम विभाग के संकेतों के अनुसार, आने वाले दिनों में ठंड और कोहरे का दौर जारी रह सकता है। ऐसे में प्रशासन ने वाहन चालकों से सावधानी बरतने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।







