
ऋषिकेश में बनकर तैयार हुए नए बजरंग सेतु को लेकर अब नामकरण को लेकर विरोध शुरू हो गया है। स्थानीय दुकानदारों, तीर्थ पुरोहितों और धार्मिक संगठनों ने सरकार से मांग की है कि इस पुल का नाम बदला न जाए और इसे पुराने नाम “लक्ष्मण झूला” से ही जाना जाए। उनका कहना है कि लक्ष्मण झूला न केवल एक पुल है, बल्कि ऋषिकेश की धार्मिक, सांस्कृतिक और वैश्विक पहचान का प्रतीक है। इस संबंध में मुख्यमंत्री से सीधे हस्तक्षेप की अपील की गई है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
राज्य सरकार ने पुराने लक्ष्मण झूला पुल की मियाद पूरी होने के बाद ऋषिकेश में एक नए आधुनिक पुल का निर्माण कराया है। यह कांच से निर्मित पुल तकनीकी रूप से अधिक मजबूत और पर्यटकों के आकर्षण के लिहाज से खास माना जा रहा है। हालांकि, इसके नाम को लेकर स्थानीय स्तर पर असहमति सामने आ रही है।
आधिकारिक जानकारी
हरिद्वार से गंगा सभा के पदाधिकारी उज्ज्वल पंडित ने ऋषिकेश पहुंचकर लक्ष्मण मंदिर के पुरोहितों और स्थानीय लोगों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि स्कंद पुराण में ऋषिकेश को भगवान विष्णु और भगवान लक्ष्मण की तपस्थली बताया गया है। पुल के एक छोर पर भगवान लक्ष्मण का मंदिर और दूसरे छोर पर भगवान श्रीराम का मंदिर स्थित है, जो इस स्थान के धार्मिक महत्व को और गहरा करता है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय दुकानदारों और तीर्थ पुरोहितों का कहना है कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक इस स्थान को “लक्ष्मण झूला” के नाम से ही जानते हैं। तपोवन लक्ष्मण झूला मां गंगा सेवा समिति के अध्यक्ष पुरुषोत्तम कोठारी ने कहा कि यदि नाम बदला गया, तो क्षेत्र की पहचान प्रभावित होगी। स्थानीय निवासी देवराज ने भी नाम परिवर्तन को अनुचित बताते हुए सरकार से पुनर्विचार की मांग की।
आंकड़े / तथ्य
स्थानीय लोगों के अनुसार, क्षेत्र में स्थित अधिकांश धर्मशालाएं, होटल, दुकानें और संस्थाएं लक्ष्मण झूला की पहचान से ही जानी जाती हैं। नाम बदलने से न केवल धार्मिक भावनाएं आहत होंगी, बल्कि पर्यटन से जुड़ी पहचान भी प्रभावित हो सकती है।
आगे क्या होगा
स्थानीय लोगों और धार्मिक संगठनों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आग्रह किया है कि पुल के नाम पर अंतिम निर्णय लेने से पहले जनभावनाओं और धार्मिक इतिहास को ध्यान में रखा जाए। सरकार की ओर से इस मांग पर अभी कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। माना जा रहा है कि पुल के आम श्रद्धालुओं के लिए खुलने से पहले इस विषय पर निर्णय लिया जा सकता है।







