
ऋषिकेश: ऑल उत्तराखंड मोटर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सोमवार को अपर परिवहन आयुक्त सनत कुमार सिंह से मुलाकात कर परिवहन से जुड़ी कई समस्याओं को उनके समक्ष रखा। प्रतिनिधिमंडल ने ऋषिकेश एआरटीओ कार्यालय में निर्मित एटीएस सेंटर को शीघ्र चालू कराने सहित विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। एसोसिएशन का कहना है कि एटीएस सेंटर बनकर तैयार होने के बावजूद उसे चालू नहीं किया जा रहा, जिससे स्थानीय मोटर चालकों को अनावश्यक परेशानी झेलनी पड़ रही है। यह मुद्दा इसलिए अहम है क्योंकि इससे सीधे तौर पर छोटे परिवहन व्यवसायियों की आजीविका और संचालन लागत प्रभावित हो रही है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
ऋषिकेश और कोटद्वार में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के तहत एटीएस सेंटर का निर्माण पूरा हो चुका है। बावजूद इसके इन केंद्रों को अब तक चालू नहीं किया गया है। वर्तमान में ऋषिकेश क्षेत्र के वाहन चालकों को फिटनेस जांच के लिए करीब 25 किलोमीटर दूर लाल तप्पड़ स्थित निजी एटीएस सेंटर जाना पड़ रहा है, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ रहे हैं।
प्रशासनिक पक्ष
ऑल उत्तराखंड मोटर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्र सिंह नेगी ने अपर परिवहन आयुक्त को बताया कि केंद्र सरकार की नीति के अनुसार प्रदेश के सभी परिवहन कार्यालयों में एटीएस सेंटर खोले जाने चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि नेशनल परमिट वाहनों पर लगे प्रतिबंध के बावजूद राज्य में चल रहे ऐसे वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाए। इस संबंध में अपर परिवहन आयुक्त ने मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय परिवहन कारोबारियों का कहना है कि प्रदेश में करीब 65 प्रतिशत पुराने वाहन पहाड़ी मार्गों पर संचालित होते हैं, जिनसे हजारों परिवारों की रोजी-रोटी जुड़ी है। हाल ही में पुराने वाहनों की फिटनेस फीस में छह गुना वृद्धि से छोटे कारोबारियों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है। उनका कहना है कि यह निर्णय तुरंत वापस लिया जाना चाहिए।
आंकड़े / विवरण
एसोसिएशन के अनुसार प्रदेश में बड़ी संख्या में 15 वर्ष से अधिक पुराने वाहन संचालित हैं। फिटनेस शुल्क में छह गुना बढ़ोतरी से परिवहन व्यवसाय की लागत कई गुना बढ़ गई है। वहीं, ऋषिकेश से लाल तप्पड़ तक फिटनेस जांच के लिए लगभग 25 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।
आगे क्या होगा
एसोसिएशन को उम्मीद है कि परिवहन विभाग उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेगा। यदि एटीएस सेंटर शीघ्र चालू नहीं किए गए और शुल्क वृद्धि वापस नहीं ली गई, तो संगठन आगे आंदोलन का रास्ता भी अपना सकता है।







