
ऋषिकेश। आगामी कुंभ मेले को ध्यान में रखते हुए तीर्थनगरी की सुरक्षा व्यवस्था को हाई-टेक बनाया जा रहा है। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, राष्ट्रीय राजमार्गों और प्रवेश–निकास बिंदुओं पर जल्द ही ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (एएनपीआर) कैमरे लगाए जाएंगे। एआई आधारित यह सिस्टम वाहनों की नंबर प्लेट, प्रकार, समय और लोकेशन को तुरंत पहचानकर सुरक्षा एजेंसियों को रियल-टाइम जानकारी उपलब्ध कराएगा।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
कुंभ मेला अवधि में ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों में लाखों की संख्या में यात्री पहुंचते हैं। भीड़ बढ़ने के साथ सुरक्षा जोखिम भी बढ़ जाते हैं। पुलिस और प्रशासन की कोशिश है कि संवेदनशील मार्गों और भीड़भाड़ वाले इलाकों पर ऐसी तकनीक लगाई जाए, जिससे किसी भी संदिग्ध वाहन या गतिविधि पर तुरंत नज़र रखी जा सके।
आधिकारिक जानकारी
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, एएनपीआर कैमरे शहर के उन प्रमुख स्थलों पर लगाए जाएंगे जहां वाहनों की आवाजाही अधिक रहती है। इन कैमरों में लगे एआई चिप और हाई-रिज़ॉल्यूशन ऑप्टिकल लेंस तुरंत नंबर प्लेट पढ़कर उसे डेटा में बदल देते हैं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कैमरों से मिलने वाला डेटा दो तरीके से काम करता है:
- वाहन की नंबर प्लेट और तस्वीर रिकॉर्ड होती है।
- सिस्टम स्वतः पुलिस डेटाबेस से मिलान कर चोरी, अपराध या वांछित श्रेणी में आने वाले वाहनों की पहचान कर लेता है।
ऐसे वाहन मिलने पर कंट्रोल रूम को तुरंत ऑटो अलर्ट भेज दिया जाएगा।
तकनीक कैसे काम करेगी?
- कैमरे में लगा ऑप्टिकल लेंस दूर से भी नंबर प्लेट साफ पढ़ सकेगा।
- इन्फ्रारेड लाइट रात में पहचान क्षमता बढ़ाएगी।
- मौसम प्रतिरोधी केसिंग बारिश–धूप में भी कैमरे को सुरक्षित रखेगी।
- एआई सॉफ्टवेयर नंबर प्लेट को टेक्स्ट में बदलकर तुरंत पुलिस सर्वर पर भेज देगा।
हाईवे वाले कैमरों में वाहन की गति मापने और सटीक लोकेशन पहचानने की विशेष क्षमता भी होगी।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय व्यापारियों और यात्रियों का कहना है कि तीर्थनगरी में बढ़ती भीड़ को देखते हुए आधुनिक तकनीक की जरूरत थी। कई लोगों ने इसे ट्रैफिक नियंत्रण, अपराध रोकथाम और गंगा तटों पर सुरक्षा बढ़ाने के लिए एक सकारात्मक कदम बताया है।
घटनाओं की रोकथाम में बड़ी मदद
पुलिस ने बताया कि यदि कोई संदिग्ध वाहन रात के समय हाईवे से तेज रफ्तार में गुजरेगा, तो कैमरा उसकी तस्वीर लेकर रियल-टाइम में कंट्रोल रूम को अलर्ट भेज देगा। इससे वाहन की दिशा, रफ्तार और लोकेशन तुरंत पता चल जाएगी, जिससे कार्रवाई तेज होगी।
आगे की योजना
एएनपीआर कैमरों को शहर के मौजूदा सीसीटीवी नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। साथ ही, डेटा सुरक्षित तरीके से रिमोट सर्वर में स्टोर किया जाएगा, जिसे आवश्यकता पड़ने पर जांच और निगरानी में उपयोग किया जा सकेगा।
अधिकारियों का कहना है कि अगले कुछ सप्ताहों में स्थापना कार्य शुरू कर दिया जाएगा।







