
देहरादून। उत्तराखंड में घर खरीदारों के हितों की अनदेखी और रेरा आदेशों की अवहेलना पर सख्ती शुरू हो गई है। रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी उत्तराखंड ने रुद्रपुर स्थित रियल एस्टेट परियोजना एनआरआई लेक सिटी के बिल्डर सामिया इंटरनेशनल बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड पर आदेशों की खुली अवहेलना के चलते 25 हजार रुपये प्रतिदिन का जुर्माना लगाया है, जो निर्धारित समयसीमा में अनुपालन न होने पर 50 लाख रुपये तक पहुंच जाएगा। रेरा ने इसे जानबूझकर की गई मनमानी और खरीदारों के अधिकारों का गंभीर उल्लंघन बताया है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
रेरा के समक्ष लंबे समय से ऐसी शिकायतें सामने आ रही थीं, जिनमें बिल्डरों द्वारा न तो समय पर कब्जा दिया गया और न ही रेरा के आदेशों का पालन किया गया। इस प्रकरण में भी पहले दिए गए निर्देशों के बावजूद बिल्डर की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
रेरा का आदेश और दंडात्मक प्रावधान
रेरा सदस्य नरेश सी. मठपाल द्वारा जारी आदेश में भू-संपदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2016 की धारा 63 के तहत 25,000 रुपये प्रतिदिन का दंड तय किया गया है। यदि 30 दिनों के भीतर न तो भुगतान किया गया और न ही खरीदार को कब्जा सौंपा गया, तो जुर्माना स्वतः 50 लाख रुपये हो जाएगा। यह राशि 45 दिनों के भीतर रेरा खाते में जमा कराना अनिवार्य होगा।
खरीदार को कब्जा और धनराशि दिलाने के निर्देश
रेरा ने जिला प्रशासन ऊधमसिंह नगर को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पुलिस प्रशासन के सहयोग से शिकायतकर्ता को फ्लैट का कब्जा दिलाया जाए। साथ ही बिल्डर से वसूली गई राशि सीधे पीड़ित खरीदार तक पहुंचाई जाए। रेरा ने बिल्डर को खरीदार को कुल 9.70 लाख रुपये ब्याज सहित लौटाने के आदेश भी दिए हैं।
फ्लैट बेचा, आदेश रौंदा
जांच में सामने आया कि परियोजना के फ्लैट संख्या 114 के खरीदार शब्बीर अहमद को वर्षों तक कब्जे के लिए भटकाया गया। 11 सितंबर 2023 के रेरा आदेश के बावजूद न कब्जा सौंपा गया और न ही राशि लौटाई गई। गंभीर बात यह रही कि विवादित फ्लैट को तीसरे पक्ष को बेच दिया गया, जिसे रेरा ने गंभीर और आपराधिक प्रकृति का उल्लंघन माना।
जिला प्रशासन की भूमिका पर सवाल
रेरा ने ऊधमसिंह नगर जिला प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं। 25 नवंबर 2024 को कब्जा दिलाने के लिए पत्र भेजे जाने के बावजूद कार्रवाई न होने पर उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिए गए हैं। दोषी अधिकारियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति राज्य सरकार को भेजी जाएगी।
स्थानीय प्रतिक्रिया
घर खरीदारों का कहना है कि इस फैसले से भरोसा बढ़ा है और वर्षों से लंबित मामलों में तेजी आएगी। रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े जानकार इसे उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा की दिशा में अहम कदम मान रहे हैं।
आगे क्या होगा
रेरा ने स्पष्ट किया है कि समयसीमा के भीतर अनुपालन न होने पर दंडात्मक कार्रवाई और कड़ी की जाएगी। साथ ही अन्य लंबित मामलों में भी सख्त रुख अपनाया जाएगा।





