
देहरादून: उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड का मामला शांत भी नहीं हुआ था कि अब बीजेपी की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू के एक विवादित बयान ने प्रदेश की राजनीति में नया बवाल खड़ा कर दिया है। महिला को लेकर की गई टिप्पणी के बाद कांग्रेस ने सरकार और मंत्री को घेरना शुरू कर दिया है, जबकि बीजेपी ने सार्वजनिक रूप से इस बयान से खुद को अलग करते हुए कड़ी कार्रवाई की बात कही है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
महिला सशक्तिकरण और बाल विकास जैसे संवेदनशील विभाग से जुड़ी मंत्री के परिवार सदस्य के बयान के सामने आने के बाद मामला राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा में आ गया। बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रदेशभर में प्रतिक्रियाएं तेज हो गईं।
बीजेपी का आधिकारिक पक्ष
उत्तराखंड बीजेपी के मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान ने विवादित बयान पर कहा कि इस तरह की सोच या वक्तव्य का पार्टी कभी समर्थन नहीं करती। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई भी व्यक्ति महिलाओं के प्रति इस तरह की टिप्पणी करता है तो भारत के संविधान के अनुसार जो कार्रवाई बनती है, वह होनी चाहिए।
मनवीर चौहान ने यह भी कहा कि गिरधारी लाल साहू के बयान से भारतीय जनता पार्टी का कोई लेना-देना नहीं है और सरकार ऐसे मामलों में बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई करती है।
कांग्रेस का हमला
कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुजाता पॉल ने इस बयान को बेहद गंभीर बताते हुए इसे मानव तस्करी जैसे अपराध से जोड़ा। उन्होंने कहा कि यह जानना जरूरी है कि किस आधार पर ऐसी टिप्पणी की गई और इसके पीछे की सोच क्या है।
सुजाता पॉल ने आरोप लगाया कि एक तरफ महिला कल्याण की बातें की जा रही हैं और दूसरी तरफ महिलाओं की खरीद-फरोख्त जैसी भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो अस्वीकार्य है।
शिकायत और आयोग की कार्रवाई
कांग्रेस प्रवक्ता के अनुसार इस मामले में बिहार महिला आयोग ने नोटिस जारी किया है, जबकि उत्तराखंड महिला आयोग की ओर से अभी तक कोई ठोस प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। उन्होंने बताया कि देहरादून के डालनवाला थाने में भी इस संबंध में शिकायत दी गई है और अब पुलिस की कार्रवाई पर नजर है।
विवाद की वजह क्या है
गिरधारी लाल साहू ने 23 दिसंबर को सोमेश्वर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान यह टिप्पणी की थी, जिसका वीडियो अब सामने आया है। वीडियो वायरल होने के बाद प्रदेशभर में विरोध शुरू हो गया। विवाद बढ़ने के बाद गिरधारी लाल साहू ने एक वीडियो जारी कर अपने बयान पर माफी भी मांगी है।
आगे क्या होगा
मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज है। पुलिस और प्रशासन की ओर से शिकायतों के आधार पर जांच की संभावना जताई जा रही है। वहीं विपक्ष लगातार निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग कर रहा है।





