
रानीपोखरी (देहरादून): रानीपोखरी क्षेत्र में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां श्मशान घाट से मृतकों पर डाले गए रजाई-गद्दे लाकर उन्हें दुकानों में बेचने का आरोप लगा है। बजरंग दल की शिकायत पर रानीपोखरी पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। आरोप है कि रजाई-गद्दों की कपास को नई कपास में मिलाकर नए उत्पाद तैयार किए गए और उन्हें महंगे दामों पर बेचा गया। मामले को गंभीर मानते हुए पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
श्मशान घाट से जुड़ी वस्तुओं को उठाकर व्यावसायिक उपयोग में लाने के आरोप न केवल सामाजिक संवेदनाओं से जुड़े हैं, बल्कि स्वास्थ्य और स्वच्छता के लिहाज से भी गंभीर माने जाते हैं। इस तरह की गतिविधियों की सूचना मिलने पर स्थानीय स्तर पर लंबे समय से नाराजगी जताई जा रही थी।
आधिकारिक जानकारी
रानीपोखरी पुलिस के अनुसार बजरंग दल खंड संयोजक अमित सिंह निवासी डांडी ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि संजय, निवासी नटराज पुल के नीचे ऋषिकेश, श्मशान घाट से रजाई और गद्दे लाकर उन्हें सलमान और हामीद अली को बेचता था। ये दोनों आरोपी रानीपोखरी चौक पर स्थित अपनी दुकान में इन रजाई-गद्दों की कपास को नई कपास में मिलाकर नए उत्पाद बनाकर बेचते थे।
थानाध्यक्ष विकेंद्र चौधरी ने बताया कि संजय समेत दोनों दुकानदारों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच की जा रही है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
प्रांत गोरक्षा प्रमुख बजरंग दल नरेश उनियाल ने बताया कि पिछले कई दिनों से आरोपितों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। शनिवार को जब संजय श्मशान घाट से लाई गई रजाइयों और गद्दों को दुकानों में बेच रहा था, तभी कार्यकर्ताओं ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया।
जांच की दिशा
पुलिस का कहना है कि आरोपों की पुष्टि के लिए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। बरामद सामग्री, दुकानों में तैयार किए गए उत्पादों और सप्लाई चेन की भी पड़ताल की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आगे क्या होगा
मामले में पूछताछ जारी है और पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस तरह का कारोबार कब से चल रहा था और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं। दोष सिद्ध होने पर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।





