
रामनगर (नैनीताल): रामनगर के कंदला गांव में भूमि विवाद की नापजोख के दौरान महिला पटवारी और कानूनगो के साथ अभद्रता, धक्का-मुक्की और सरकारी दस्तावेज फाड़ने की गंभीर घटना सामने आई है। प्रशासन ने मामले को संज्ञान में लेते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है और संबंधित कर्मचारियों को तत्काल तहरीर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
कंदला गांव में भूमि पर कब्जे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। राजस्व विभाग ने इस मामले में धारा 41 एनआर एक्ट के तहत नापजोख की प्रक्रिया शुरू की थी। इसी क्रम में महिला पटवारी पूनम और कानूनगो हरीश यादव बुधवार को मौके पर पहुंचे थे।
स्थानीय निवासियों की मानें तो यह क्षेत्र कई वर्षों से भूमि विवाद और आपसी तनाव का केंद्र रहा है, जहां नापजोख के दौरान पहले भी तनाव की स्थितियां बनी हैं।
आधिकारिक जानकारी
नापजोख शुरू होते ही उस परिवार के लोग, जिन पर जमीन पर जबरन कब्जे का आरोप है, वहां पहुंच गए और नापजोख रुकवाने की कोशिश की। आरोप है कि उन्होंने महिला पटवारी के हाथ से सरकारी फाइलें और दस्तावेज छीनकर फाड़ दिए। टीम को धमकाया गया और धक्का-मुक्की भी की गई।
हंगामे के कारण पूरी प्रक्रिया अधूरी रह गई। घटना के बाद राजस्व विभाग के अधिकारियों ने इसकी जानकारी तुरंत एसडीएम रामनगर को दी।
उपजिलाधिकारी प्रमोद कुमार ने बताया कि यह एक गंभीर अपराध है। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्य में बाधा डालना, सरकारी दस्तावेजों को नष्ट करना और कर्मचारियों से अभद्रता करना कानूनन दंडनीय है। उन्होंने पटवारी और कानूनगो को तुरंत थाने में तहरीर देने के निर्देश दिए।
स्थानीय प्रतिक्रिया
राजस्व विभाग के कर्मचारियों ने घटना पर कड़ा रोष जताया है। उनका कहना है कि ऐसे मामलों में बिना सुरक्षा के फील्ड में काम करना मुश्किल होता जा रहा है। ग्रामीणों ने भी कहा कि विवादित भूमि के मामलों में अक्सर माहौल तनावपूर्ण हो जाता है और प्रशासन को सख्त निगरानी की जरूरत है।
कुछ ग्रामीणों ने बताया कि राजस्व टीम के साथ हुई घटना ने कर्मचारियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं। लोगों ने मांग की कि ऐसे मामलों पर तुरंत और कठोर कार्रवाई की जाए।
अगला कदम / आगे क्या
एसडीएम ने स्पष्ट किया है कि आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे। घटना की रिपोर्ट पुलिस को भेज दी गई है, और तहरीर मिलने के बाद मामला दर्ज किया जाएगा।
राजस्व विभाग ने भी प्रशासन से यह सुनिश्चित करने की मांग की है कि फील्ड निरीक्षण के दौरान उनकी सुरक्षा के लिए पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध हो।





