
मुनिकीरेती: कौड़ियाल–मुनिकीरेती ईको टूरिज्म ज़ोन में हाल ही में पूरी हुई राफ्टिंग गाइड लाइसेंस प्रक्रिया अब सवालों के घेरे में आ गई है। कुछ प्रशिक्षु गाइडों ने आरोप लगाया है कि चयन प्रक्रिया में अनियमितताएँ हुई हैं और बिना अनुभव वाले लोगों को भी लाइसेंस जारी किए गए हैं।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
ऋषिकेश–मुनिकीरेती क्षेत्र में राफ्टिंग देशभर से आने वाले पर्यटकों का मुख्य आकर्षण है। सुरक्षा को देखते हुए गाइडों की लाइसेंसिंग प्रक्रिया हर वर्ष पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित की जाती है। इसी माह हुई परीक्षा में 215 प्रशिक्षु गाइड अंतिम चरण में सफल घोषित किए गए थे। लेकिन अब कई उम्मीदवार चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठा रहे हैं।
आरोप क्या हैं?
कुछ प्रशिक्षु गाइडों ने आरोप लगाया है कि—
– कई ऐसे लोगों को लाइसेंस मिल गया जो पिछले 2–3 साल से सिर्फ वाहन चालक (Driver) के तौर पर काम कर रहे थे, जिन्हें उन्होंने कभी नदी में राफ्टिंग करते नहीं देखा।
– आरोप है कि कुछ परीक्षाओं में एक व्यक्ति की जगह दूसरा व्यक्ति टेस्ट दे रहा था, विशेषकर स्विमिंग टेस्ट में।
– कुछ युवाओं का कहना है कि उन्होंने पूरी प्रक्रिया सही तरीके से पूरी की, उनका प्रदर्शन अच्छा रहा, लेकिन लाइसेंस उन लोगों को दिया गया जिनकी ‘सेटिंग’ थी।
– यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि स्विमिंग टेस्ट में कोई और शामिल हुआ और लाइसेंस किसी और को जारी कर दिया गया।
इन प्रशिक्षुओं का कहना है कि अगर ऐसी अनियमितताएँ सच साबित होती हैं, तो यह साहसिक पर्यटन में गंभीर सुरक्षा जोखिम पैदा कर सकती हैं।
विभाग का पक्ष
पर्यटन विभाग की ओर से इस मामले में अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। अधिकारियों से संपर्क किए जाने पर कई अधिकारी टिप्पणी करने से बचे दिखे। स्थानीय राफ्टिंग ऑपरेटरों का कहना है कि इस प्रकार के आरोपों की स्पष्ट जांच आवश्यक है ताकि राफ्टिंग संचालन की विश्वसनीयता बनी रहे।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय रिवर गाइडों का कहना है कि यदि बिना अनुभव वाले लोग गाइड बनते हैं तो इससे पर्यटकों की सुरक्षा को खतरा हो सकता है। उनका कहना है कि राफ्टिंग केवल खेल नहीं, बल्कि अत्यधिक कौशल और नदी की गहरी समझ की मांग करती है।
एक अनुभवी गाइड ने बताया कि “यदि टेस्ट किसी और ने दिया हो और लाइसेंस किसी और को मिले, तो यह राफ्टिंग की पूरी सुरक्षा व्यवस्था को कमजोर कर सकता है।”
कुछ प्रशिक्षुओं ने चेतावनी दी है कि— “अगर आरोपों की जांच नहीं हुई और स्थिति स्पष्ट नहीं हुई तो हम पर्यटन विभाग के खिलाफ विरोध करेंगे।”
आगे क्या
आरोपों के बाद अब स्थानीय गाइडों और प्रशिक्षुओं की मांग है कि पर्यटन विभाग लाइसेंसिंग प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराए। यदि विभाग समीक्षा करता है, तो चयन सूची में संशोधन या पुनः परीक्षण की संभावना बनी रह सकती है।







