
ऋषिकेश के मुनिकीरेती और तपोवन क्षेत्र में इस वीकेंड साहसिक पर्यटन चरम पर रहा। दिल्ली, एनसीआर, यूपी और हरियाणा से बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचे और शिवपुरी से खारास्रोत तक राफ्टिंग का रोमांच लिया। गंगा दिनभर रंग-बिरंगी राफ्टों से भरी रही और रैपिड्स पर रोमांच दोगुना दिखाई दिया।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
ऋषिकेश देशभर में साहसिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है और राफ्टिंग इसका सबसे बड़ा आकर्षण है। सर्द मौसम के बावजूद वीकेंड पर बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचे। राफ्टिंग के दूसरे सत्र की शुरुआत के बाद से यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
आधिकारिक जानकारी
सुबह से ही मुनिकीरेती और तपोवन स्थित राफ्टिंग कंपनियों के कार्यालयों में पर्यटकों की कतार लगनी शुरू हो गई।
साहसिक पर्यटन अधिकारी जसपाल चौहान ने बताया कि 27 सितंबर से दूसरे सत्र की राफ्टिंग चल रही है और अब तक 26,000 से अधिक पर्यटक राफ्टिंग कर चुके हैं।
रविवार को 836 पर्यटकों ने राफ्टिंग का आनंद लिया। उन्होंने कहा कि सभी कंपनियों को निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। विभागीय कर्मचारियों की तैनाती कर निगरानी भी बढ़ाई गई है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
राफ्टिंग गाइडों के अनुसार, ठंड के बावजूद पर्यटकों का उत्साह कम नहीं हुआ।
पंकज नेगी (रीवर गाइड) ने बताया, “बाकी दिन के मुकाबले आज काम बहुत अच्छा था, हमने आज दिन भर 8 चक्कर लगाए!”
स्थानीय कारोबारियों का मानना है कि पर्यटकों की बढ़ती संख्या से होटल, कैफे और एडवेंचर कारोबार को भी बढ़ावा मिल रहा है।
विशेषज्ञ राय
पर्यटन विशेषज्ञों का कहना है कि साहसिक गतिविधियाँ ऋषिकेश की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। सुरक्षा मानकों के कड़े पालन से पर्यटकों का विश्वास बढ़ता है और सीजन मजबूत रहता है।
आंकड़े / डेटा
- रविवार को पर्यटक: 836
- दूसरे सत्र से अब तक: 26,000+
- राफ्टिंग रूट: शिवपुरी → मुनिकीरेती (खारास्रोत)
- प्रमुख स्थान: मुनिकीरेती, तपोवन, शिवपुरी
आगे क्या?
विभाग आने वाले हफ्तों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी में है। राफ्टिंग कंपनियों का नियमित निरीक्षण जारी रहेगा ताकि किसी प्रकार की लापरवाही न हो।






