
चंपावत: उत्तराखंड के चंपावत जिले स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल पूर्णागिरी धाम को जल्द ही हेली सेवा से जोड़ने की तैयारी शुरू हो गई है। प्रदेश सरकार की क्षेत्रीय संपर्क योजना के तहत राज्य में हवाई कनेक्टिविटी का लगातार विस्तार किया जा रहा है, जिससे प्रमुख धार्मिक और पर्यटक स्थलों तक पहुंच आसान बनाई जा सके। मुख्यमंत्री के निर्देश पर उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण को पूर्णागिरी के लिए हेली सेवा का प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया है। यह पहल देशभर से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए यात्रा को सुगम बनाने के साथ-साथ स्थानीय पर्यटन और अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देने वाली मानी जा रही है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
पूर्णागिरी धाम उत्तराखंड के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक है, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। अभी तक यहां पहुंचने के लिए सड़क मार्ग ही मुख्य विकल्प है, जिससे बुजुर्गों, अस्वस्थ श्रद्धालुओं और दूर-दराज से आने वालों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। हेली सेवा शुरू होने से न केवल यात्रा का समय घटेगा, बल्कि क्षेत्रीय पर्यटन को भी नया आयाम मिलने की उम्मीद है।
आधिकारिक जानकारी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण को पूर्णागिरी के लिए हेली सेवा शुरू करने का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों के अनुसार फिलहाल पूर्णागिरी क्षेत्र में हेलीपैड की सुविधा उपलब्ध नहीं है। हेली सेवा शुरू करने से पहले हेलीपैड निर्माण के लिए जमीन चिह्नित करने की प्रक्रिया चल रही है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि हेली सेवा शुरू होती है तो इससे क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और छोटे व्यापारियों को भी लाभ मिलेगा। वहीं श्रद्धालुओं का मानना है कि बुजुर्गों और बच्चों के साथ यात्रा करना अब पहले से कहीं अधिक सुविधाजनक हो सकेगा।
विशेषज्ञ जानकारी
यूकाडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष चौहान ने बताया कि मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देश पर प्रदेश में हवाई सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है और पूर्णागिरी को हेली सेवा से जोड़ने की योजना इसी कड़ी का हिस्सा है।
आंकड़े / तथ्य
हर वर्ष नवरात्र और मेलों के दौरान पूर्णागिरी धाम में लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। हेली सेवा शुरू होने से यात्रा समय कई घंटों से घटकर कुछ ही मिनटों में सिमट सकता है।
आगे क्या होगा
अगले चरण में हेलीपैड के लिए उपयुक्त भूमि का चयन कर निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। इसके बाद हेली सेवा संचालन से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी कर सेवा शुरू करने की दिशा में कदम बढ़ाए जाएंगे।





