
ऋषिकेश–शिवपुरी: प्रयागराज से आई एक डबल डेकर स्लीपर बस सोमवार को बिना जांच प्रक्रिया पूरी किए सीधे शिवपुरी पहुंच गई। ब्रह्मपुरी चेकपोस्ट पर रोकने के संकेत के बावजूद चालक बस को तेज गति से आगे ले गया। ट्रांसपोर्टरों के विरोध के बाद परिवहन विभाग ने बस का दो हजार रुपये का चालान किया।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
ऋषिकेश–शिवपुरी मार्ग साहसिक पर्यटन और होटल बुकिंग के कारण अत्यधिक संवेदनशील माना जाता है। इस मार्ग पर केवल निर्धारित व्हील बेस वाली बसों को संचालन की अनुमति है। बावजूद इसके प्रयागराज से आई डबल डेकर बस सीधे शिवपुरी तक पहुंच गई।
आधिकारिक जानकारी
घटना तब हुई जब प्रयागराज की एक युवती की शादी शिवपुरी के एक होटल में निर्धारित थी। सोमवार सुबह युवती के परिजन और रिश्तेदार बस से ऋषिकेश पहुंचे थे। बस को पूर्णानंद पार्किंग में खड़ा किया जाना था, लेकिन परिजन वाहन को सीधे शिवपुरी ले गए।
इस दौरान न तो तपोवन तिराहे पर यातायात पुलिस ने बस को रोका और न ही तपोवन चौकी पर ही चेकिंग हुई। बस तेज रफ्तार से नीरगड्डू होते हुए ब्रह्मपुरी स्थित आरटीओ चेकपोस्ट पहुंची। कर्मचारियों ने बस रोकने का संकेत दिया, लेकिन चालक वाहन को तेजी से आगे ले गया।
आरटीओ टीम ने बस का नंबर नोट कर दो हजार रुपये का ऑनलाइन चालान काट दिया।
घटना के बाद क्षेत्र से गुजर रहे कई स्थानीय ट्रांसपोर्टर बस के पीछे चल पड़े। बस शिवपुरी के उस होटल पर जाकर रुकी, जहां बारात के लिए व्यवस्था की गई थी। इसके बाद ट्रांसपोर्टरों ने ब्रह्मपुरी चेकपोस्ट पर जाकर इसका विरोध किया।
तकनीकी नियमों का उल्लंघन
ट्रांसपोर्टरों ने बताया कि पर्वतीय क्षेत्र में 44 एमएम व्हील बेस तक की बसों को ही संचालन की अनुमति है। इसके बावजूद प्रयागराज से पंजीकृत 6200 एमएम व्हील बेस की बड़ी बस शिवपुरी तक पहुंच गई, जो महत्वपूर्ण सुरक्षा नियमों का उल्लंघन है।
स्थानीय ट्रांसपोर्टर गजेंद्र नेगी ने कहा कि “इस रूट पर केवल निर्धारित व्हील बेस वाली बसें ही चल सकती हैं। इतने बड़े व्हील बेस की बस से हादसे की आशंका अधिक रहती है।”
इनसेट — कागजात की जांच नहीं हुई
जानकारी के अनुसार प्रयागराज एआरटीओ में पंजीकृत बस नारसन बॉर्डर से शिवपुरी तक 88 किलोमीटर बिना किसी विभागीय जांच के पहुंच गई। ट्रांसपोर्टरों ने जब बस के ऑनलाइन दस्तावेज सत्यापित किए तो उसका टैक्स 30 सितंबर 2025 तक ही वैध पाया गया। रास्ते में हरिद्वार, रुड़की और ऋषिकेश की ओर से भी वाहन की जांच नहीं की गई।
विभाग का पक्ष
एआरटीओ (प्रवर्तन) ऋषिकेश रश्मि पंत ने बताया कि “ब्रह्मपुरी चेकपोस्ट पर बस को रोकने का संकेत दिया गया था, लेकिन चालक तेज गति से निकल गया। बस का दो हजार रुपये का ऑनलाइन चालान काटा गया है। आगे की कार्रवाई नियमों के अनुसार की जाएगी।”
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि बड़े व्हील बेस वाली बसों के पहाड़ी मार्ग पर आने से दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। कई होटल और राफ्टिंग संचालकों ने कहा कि इस प्रकार यात्रियों के दबाव में कभी-कभी नियमों की अनदेखी करना गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है।
आगे क्या
परिवहन विभाग ने संकेत दिया है कि इस प्रकार के मामलों पर सख्त निगरानी रखी जाएगी। चेकपोस्टों पर गश्त और वाहन सत्यापन को मजबूत किया जाएगा। विभाग यह भी सुनिश्चित करेगा कि निर्धारित व्हील बेस से अधिक बड़ी बसें पहाड़ी क्षेत्रों में प्रवेश न करें।







