
देहरादून: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तराखंड दौरे के दौरान विभिन्न कार्यक्रमों में शिलान्यास की गई 91 विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई है। इन परियोजनाओं की कुल लागत 22,015.76 करोड़ रुपये है, जिनमें से 18 योजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि 73 परियोजनाओं पर कार्य जारी है। बृहस्पतिवार को सचिवालय में हुई इस समीक्षा बैठक में अधिकतर परियोजनाओं को मार्च 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया और विभागों को समयबद्ध कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने उत्तराखंड दौरे के दौरान राज्य के बुनियादी ढांचे, ऊर्जा, सिंचाई और विकास से जुड़ी कई अहम परियोजनाओं का शिलान्यास किया था। इन योजनाओं से राज्य में आर्थिक गतिविधियों, रोजगार और क्षेत्रीय विकास को गति मिलने की उम्मीद है।
समीक्षा बैठक में क्या हुआ
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय में शिलान्यास की गई परियोजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और किसी भी स्तर पर देरी न हो। जिन योजनाओं का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन अभी तक लोकार्पण नहीं हुआ है, उनका शीघ्र लोकार्पण सुनिश्चित करने को भी कहा गया।
समयसीमा पर जोर
मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि जो परियोजनाएं अभी निर्माणाधीन हैं, उन्हें तय समयसीमा के भीतर पूरा किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जिन योजनाओं में एक से अधिक विभाग शामिल हैं, वहां आपसी समन्वय बनाकर कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जाए, ताकि किसी तरह की तकनीकी या प्रशासनिक बाधा न आए।
लखवाड़ परियोजना पर निर्देश
बैठक में लखवाड़ बहुद्देश्यीय परियोजना को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने यूजेवीएनएल के प्रबंध निदेशक को निर्देश दिए कि परियोजना से संबंधित डिजाइन और शेड्यूल जल्द से जल्द केंद्रीय जल आयोग को उपलब्ध कराए जाएं, ताकि इस महत्वपूर्ण परियोजना पर कार्य में तेजी लाई जा सके।
स्थानीय प्रतिक्रिया
प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि समय पर परियोजनाओं के पूरा होने से राज्य में विकास कार्यों की गति तेज होगी। वहीं स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि लंबित योजनाओं के जल्द पूरा होने से उन्हें बुनियादी सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
आगे क्या होगा
राज्य सरकार की ओर से इन सभी परियोजनाओं की लगातार समीक्षा की जाएगी। जिन योजनाओं में प्रगति धीमी पाई जाएगी, वहां संबंधित विभागों से जवाब तलब किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि अधिकांश परियोजनाएं मार्च 2026 तक पूरी कर जनता को समर्पित की जाएं।





