A wet rural road with bad potholes.
पिथौरागढ़ में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के गड्ढा मुक्त सड़कों के निर्देश के बावजूद हालात सुधरते नहीं दिख रहे हैं। थल-मुवानी और राईआगर-गंगोलीहाट जैसे प्रमुख मार्गों पर जगह-जगह गड्ढे बने हुए हैं और झाड़ियां सड़कों को ढके हुए हैं। खराब सड़कों के चलते प्रतिदिन सैकड़ों वाहन चालक परेशानी झेल रहे हैं, वहीं लगातार हो रही दुर्घटनाओं ने स्थानीय लोगों में नाराज़गी बढ़ा दी है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेश की सभी सड़कों को 31 अक्टूबर तक गड्ढा मुक्त करने के आदेश दिए थे, लेकिन पिथौरागढ़ जिले में यह आदेश धरातल पर लागू होते नहीं दिख रहे। थल-मुवानी मोटर मार्ग पूरी तरह गड्ढों में तब्दील हो चुका है, जहाँ 10 किलोमीटर की दूरी तय करने में एक घंटा लग रहा है। यह मार्ग मुनस्यारी, डीडीहाट, थल, पांखू, बेरीनाग और बागेश्वर जैसे क्षेत्रों को जिला मुख्यालय से जोड़ता है।
आधिकारिक जानकारी
लोक निर्माण विभाग ने कुछ जगहों पर गड्ढे भरने का दावा किया है। पिथौरागढ़ के एई दिनेश जोशी ने बताया कि “पूर्व में यह सड़क कार्य योजना में शामिल नहीं थी, लेकिन वर्तमान में मरम्मत कार्य तेजी से चल रहा है। नवम्बर माह में काम पूरा कर लिया जाएगा।”
वहीं एनएच के अवर अभियंता विपिन जोशी ने कहा कि “राईआगर-गंगोलीहाट मार्ग में उगी झाड़ियों को दो दिन में काट लिया जाएगा और गड्ढों को हॉटमिक्स से भरने का कार्य जल्द शुरू किया जा रहा है।”
स्थानीय दृष्टिकोण
सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश आर्या और पूर्व प्रधान त्रिभुवन भंडारी ने बताया कि “थल-मुवानी मार्ग की स्थिति बेहद खराब है। रोजाना दोपहिया वाहन चालक दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं।”
राईआगर क्षेत्र के स्थानीय लोगों ने कहा कि “सड़क के दोनों ओर झाड़ियां इतनी बढ़ गई हैं कि सामने से आती गाड़ियों का दिखाई देना मुश्किल हो गया है।”
पूर्व घटनाएं और स्थिति
जानकारी के अनुसार, थल-मुवानी मार्ग के लिए पहले हॉट मिक्स का टेंडर हो चुका था, लेकिन मामला कोर्ट में जाने के कारण कार्य अटका हुआ है। इसी कारण मार्ग का सुधार वर्षों से लंबित है। राईआगर-गंगोलीहाट मार्ग पर हाल ही में पर्यटकों की कार और स्थानीय वाहन की भिड़ंत में बड़ा हादसा टल गया। इसके अलावा दो बाइक सवार पहले भी आपसी टक्कर में घायल हो चुके हैं।
जन प्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया
पूर्व दर्जा राज्य मंत्री खजान गुड्डू और पूर्व ब्लॉक प्रमुख रेखा भंडारी ने कहा कि “राईआगर-गंगोलीहाट मार्ग पर रोजाना दुर्घटनाएं हो रही हैं। इस सड़क से होकर सरकारी अधिकारी और प्रतिनिधि भी गुजरते हैं, फिर भी किसी ने सुध नहीं ली है।” उन्होंने शीघ्र झाड़ियों की कटान और सड़क मरम्मत की मांग की है।
आगे क्या होगा
लोक निर्माण विभाग ने नवम्बर माह तक थल-मुवानी मार्ग की मरम्मत पूरी करने और एनएच विभाग ने राईआगर मार्ग पर झाड़ियों की सफाई व हॉटमिक्स कार्य शीघ्र शुरू करने का आश्वासन दिया है। स्थानीय लोग अब देख रहे हैं कि क्या इस बार वाकई सड़कों की हालत सुधरेगी या फिर यह आश्वासन भी पुराने बयानों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा।





