
हरिद्वार: हरिद्वार जिले में दो गंभीर घटनाएं सामने आई हैं। पिरान कलियर में एक मदरसे में तीन शिक्षिकाओं के साथ मारपीट और छेड़छाड़ का मामला सामने आया, जिसमें मौलवी समेत सात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं, लक्सर में एक ट्रैक्टर हादसे में 3 साल की बच्ची की मौत हो गई। दोनों मामलों में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
पिरान कलियर: मदरसे में शिक्षिकाओं पर हमला
पिरान कलियर थाना क्षेत्र में एक शिक्षिका ने तहरीर देकर बताया कि वह कई वर्षों से मदरसे में बच्चों को पढ़ा रही है। 12 अक्टूबर को मौलवी ने उसे किसी काम के बहाने अपने कमरे में बुलाया और छेड़छाड़ की। विरोध करने पर मौलवी ने शिक्षिका के साथ मारपीट की, जिससे वह घायल हो गई।
जब अन्य दो सहकर्मी शिक्षिकाएं उसे बचाने आईं, तो मौलवी ने अपने साथियों रिहान, मोहम्मद शाद, अफान, सुहैल, आरिस, और समीर को बुलाकर तीनों शिक्षिकाओं के साथ मारपीट की। आरोप है कि:
- आरोपियों ने शिक्षिकाओं के कपड़े फाड़े।
- जान से मारने की धमकी दी।
- मौलवी पहले से शिक्षिकाओं पर गंदी नजर रखता था, जिसकी शिकायत प्रबंधक से की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
पुलिस कार्रवाई: थाना प्रभारी रविंद्र कुमार ने बताया कि तहरीर के आधार पर मौलवी और छह अन्य आरोपियों के खिलाफ छेड़छाड़, मारपीट, अश्लील हरकतें, और धमकी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच शुरू हो गई है, और जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई होगी।
लक्सर: ट्रैक्टर हादसे में बच्ची की मौत
लक्सर के बाकरपुर गांव में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ। गौरी (3 वर्ष), पुत्री उमेश, अपने ताऊ के घर से खेलकर लौट रही थी, तभी गांव के ही समीर (पुत्र निसार) अपने ट्रैक्टर पर पंपिंग सेट बांधकर खेत जा रहा था। गौरी ट्रैक्टर के आगे आ गई।
- पिता का बयान: उमेश ने बताया कि उन्होंने शोर मचाकर ट्रैक्टर चालक को रुकने के लिए कहा, लेकिन चालक नहीं रुका, और गौरी ट्रैक्टर की चपेट में आ गई। बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई।
- पुलिस कार्रवाई: भिक्कमपुर चौकी प्रभारी वीरेंद्र सिंह नेगी ने शव को कब्जे में लेकर अग्रिम कार्रवाई शुरू की। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
सामाजिक और कानूनी प्रभाव
- मदरसा मामला: शिक्षिकाओं पर हमला और छेड़छाड़ की घटना महिलाओं की सुरक्षा और कार्यस्थल पर उत्पीड़न की गंभीर समस्या को उजागर करती है। यह धार्मिक संस्थानों में जवाबदेही की कमी को भी दर्शाता है।
- ट्रैक्टर हादसा: यह सड़क सुरक्षा और ग्रामीण क्षेत्रों में वाहन चालकों की लापरवाही की समस्या को सामने लाता है। स्थानीय लोगों ने सड़कों पर जागरूकता और नियंत्रण की मांग की है।
- पुलिस की भूमिका: दोनों मामलों में पुलिस की त्वरित कार्रवाई से जवाबदेही सुनिश्चित होगी, लेकिन गहन जांच और कड़ी सजा की जरूरत है।







