
चमोली: चमोली जिले के पीपलकोटी क्षेत्र में विष्णुगाड जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में हुए हादसे की मजिस्ट्रेटी जांच शुरू हो गई है। यह हादसा 30 दिसंबर की रात करीब साढ़े आठ बजे हुआ था, जब सुरंग के भीतर दो लोको वैगन आपस में टकरा गए। दुर्घटना में करीब 70 श्रमिक घायल हुए, जिनमें से आठ को गंभीर चोटें आईं और उन्हें जिला अस्पताल गोपेश्वर में भर्ती कराया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने अगले ही दिन जांच के आदेश दिए थे, ताकि हादसे के कारणों और जिम्मेदारी का पता लगाया जा सके।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
पीपलकोटी में टीएचडीसी द्वारा विष्णुगाड जल विद्युत परियोजना के तहत सुरंग का निर्माण कार्य चल रहा है। सुरंग निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। 30 दिसंबर की रात हुए इस हादसे ने एक बार फिर निर्माण स्थलों पर श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
आधिकारिक जानकारी
जिला मजिस्ट्रेट गौरव कुमार ने घटना के अगले दिन ही मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश जारी किए थे। इस जांच की जिम्मेदारी उप जिला मजिस्ट्रेट चमोली आरके पांडेय को सौंपी गई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, एक लोको वैगन श्रमिकों को लेकर सुरंग के अंदर जा रही थी, जबकि दूसरी वैगन निर्माण सामग्री से लदी हुई सुरंग के भीतर खड़ी थी। बताया गया कि खड़ी वैगन का ऑपरेटर उसे वहीं छोड़कर चला गया, जिसके बाद वैगन अपने आप नीचे की ओर चल पड़ी और टक्कर हो गई।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों और श्रमिकों का कहना है कि सुरंग के भीतर सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को और मजबूत करने की जरूरत है। कुछ श्रमिकों ने बताया कि हादसे के समय अफरा-तफरी मच गई थी और कई लोग चोटिल हो गए।
आंकड़े / डेटा
इस हादसे में कुल लगभग 70 श्रमिक घायल हुए थे। इनमें से आठ श्रमिकों को गंभीर चोटें आने पर जिला अस्पताल गोपेश्वर में भर्ती कराया गया। शेष घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई थी।
आगे क्या होगा
जांच अधिकारी आरके पांडेय ने घटना के संबंध में जानकारी रखने वाले प्रत्यक्षदर्शियों और अन्य संबंधित लोगों से लिखित और मौखिक रूप से बयान देने को कहा है। मजिस्ट्रेटी जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी और यदि लापरवाही पाई गई तो संबंधित पक्षों पर जिम्मेदारी तय की जा सकती है।







