
पौड़ी: जिले के दूरस्थ विकासखंडों में जंगली जानवरों की बढ़ती गतिविधियों ने ग्रामीणों की चिंता गहरा दी है। चौबट्टाखाल क्षेत्र में गुलदार द्वारा एक महिला पर हमला किए जाने के बाद उसे एयरलिफ्ट कर उच्च चिकित्सा केंद्र भेजना पड़ा। इसी बीच, सीसीटीवी कैमरों में तीन गुलदार एक साथ दिखने से लोगों में भय और बढ़ गया है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
पौड़ी जिले के कई क्षेत्रों की सीमा जिम कॉर्बेट परिक्षेत्र और गढ़वाल वन विभाग से लगती है। इस कारण यहां वन्यजीवों की आवाजाही पहले भी होती रही है, लेकिन हाल के दिनों में गुलदार और बाघ दोनों की सक्रियता में तेज़ी देखी गई है। इससे ग्रामीणों का सामान्य जीवन प्रभावित हो रहा है।
लगातार बढ़ रही घटनाएँ
कुछ दिन पहले चौबट्टाखाल विधानसभा क्षेत्र में गुलदार ने एक महिला पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। हालत नाज़ुक होने पर उसे एयरलिफ्ट कर देहरादून भेजा गया। इसके बाद से ग्रामीणों में दहशत फैल गई है।
इसी दौरान बीरोंखाल विकासखंड के भरोली क्षेत्र में बाजार सेतूखाल के सीसीटीवी कैमरे में एक साथ तीन गुलदारों की गतिविधि रिकॉर्ड हुई, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि पहले भी जानवरों की मौजूदगी देखी जाती थी, लेकिन तीन गुलदारों का समूह दिखना अभूतपूर्व और चिंताजनक है।
ग्रामीणों में भय और पलायन की चिंता
पहाड़ी क्षेत्रों में पहले से ही सुविधाओं की कमी और रोजगार संकट के कारण पलायन बढ़ रहा है। अब वन्यजीवों के लगातार हमलों ने ग्रामीणों का जीवन और मुश्किल कर दिया है।
लोगों का कहना है कि शाम ढलते ही घरों से बाहर निकलना असंभव हो गया है। खेतों और बागवानी पर निर्भर परिवारों के लिए खेतों तक जाना भी जोखिम भरा हो गया है।
स्थानीय लोगों की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि इलाके में गश्त बढ़ाई जाए, थर्मल कैमरों और निगरानी तंत्र को मजबूत किया जाए और ऐसे क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षा के उपाय उपलब्ध कराए जाएं।
माता-पिता का कहना है कि बच्चों के स्कूल आने-जाने में भी खतरा बढ़ गया है, खासकर सुबह और शाम के समय।
वन विभाग की प्रतिक्रिया
एसडीओ आइशा बिष्ट ने बताया कि गुलदार की गतिविधियों के मद्देनजर इलाके में लगातार गश्त की जा रही है। टीमों को रात में भी क्षेत्र की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही ग्रामीणों को सतर्क रहने और जागरूकता अभियान चलाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
आगे क्या?
वन विभाग की टीमें फिलहाल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक सुरक्षा उपाय पुख्ता नहीं किए जाते, तब तक किसी बड़ी घटना की आशंका बनी रहेगी। विभाग ने कहा है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।





