
पौड़ी — जिले के देवार गांव में मंगलवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया जब आंगनबाड़ी केंद्र से घर लौट रहे चार वर्षीय बच्चे पर घात लगाए गुलदार ने अचानक हमला किया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ती और साथ में मौजूद बच्चों द्वारा शोर मचाने पर गुलदार मौके से भाग गया, जिससे बच्चे की जान बाल-बाल बची।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
पौड़ी गढ़वाल के कई क्षेत्रों में पिछले दिनों से गुलदार की सक्रियता लगातार बढ़ रही है। ग्रामीण इलाकों में आए दिन हमलों की घटनाएँ सामने आने से लोग भयभीत हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि शाम होते ही गांवों में बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।
कैसे हुआ हमला
घटना दोपहर लगभग 12:30 बजे की है। क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रेम सिंह रावत के अनुसार, रोज की तरह बच्चे आंगनबाड़ी केंद्र से घर की ओर लौट रहे थे, जबकि उनकी माताएँ उन्हें लेने के लिए रास्ते में थीं। इसी दौरान एक बच्चा थोड़ा आगे निकल गया, तभी घात लगाए बैठे गुलदार ने उस पर ऊपर से छलांग मार दी।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ती और दूसरे बच्चों ने जोर से शोर मचाया, जिसके बाद गुलदार भाग गया। हमला इतना अचानक था कि बच्चे पर गुलदार के नाखूनों के निशान रह गए।
बच्चे की हालत
घायल बच्चे को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि बच्चे की स्थिति सामान्य है। उसके सिर पर हल्की खरोंच आई थी, जिसका प्राथमिक उपचार कर उसे घर भेज दिया गया है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
गांव में घटना के बाद दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने कहा कि पिछले दिनों से लगातार गुलदार की आवाजाही बढ़ी है और जंगल सीमा से सटे गांवों में खतरा बना हुआ है। लोगों ने वन विभाग से प्रभावित क्षेत्र में पिंजरा लगाने और गश्त बढ़ाने की मांग की है।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, वन विभाग क्षेत्र में टीम भेजकर गुलदार की गतिविधि की पुष्टि करेगा। विभाग ने लोगों से समूह में चलने, शाम को बाहर न निकलने और बच्चों पर विशेष निगरानी रखने की अपील की है।
आगे क्या?
वन विभाग जल्द ही देवार गांव और आसपास के क्षेत्रों में गश्त बढ़ाएगा। प्रभावित क्षेत्र में पिंजरा लगाने की मांग पर भी विचार किया जा रहा है। विभाग स्थानीय ग्राम पंचायत के साथ समन्वय कर सुरक्षा उपायों को मजबूत करेगा।





