
ऋषिकेश: यात्री सुरक्षा को लेकर संभागीय परिवहन विभाग ऋषिकेश प्रवर्तन ने नियम तोड़ने वाले टैंपो चालकों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। छह से अधिक सवारियां ढोने वाले टैंपो के खिलाफ आरटीओ के निर्देश पर ऋषिकेश-हरिद्वार मार्ग में सघन चेकिंग अभियान शुरू किया गया है। हालांकि अब तक ऐसे करीब दस टैंपो चिन्हित किए गए हैं, लेकिन वे पकड़ से बाहर हैं। मंगलवार को दून-हरिद्वार नेशनल हाईवे पर रायवाला क्षेत्र में की गई चेकिंग से स्पष्ट है कि विभाग हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगा। कार्रवाई का मकसद सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना और यात्रियों की जान जोखिम में डालने वाली मनमानी पर रोक लगाना है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
बीते समय में अधिक सवारी ढोने से जुड़े हादसों और शिकायतों के बाद हाईकोर्ट ने टैंपो संचालन को लेकर स्पष्ट निर्देश जारी किए थे। इन निर्देशों के तहत आगे की सीट पर सवारियां बैठाने पर रोक और संरचनात्मक बदलाव अनिवार्य किए गए थे। इसके बावजूद कुछ चालक नियमों की अनदेखी कर यात्रियों को जोखिम में डाल रहे हैं, जिससे प्रशासन को सख्ती बढ़ानी पड़ी है।
आधिकारिक जानकारी
एआरटीओ प्रवर्तन रश्मि पंत ने बताया कि टैंपो में पीछे की दोनों सीटों पर केवल छह सवारियां बैठाने की अनुमति है और चालक की सीट पर किसी भी सवारी को बैठाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार आगे की सीट को लोहे की रॉड से कवर कराने और आगे सवारियां न बैठाने के लिए 15 सितंबर तक का समय दिया गया था। नियम तोड़ते पाए जाने पर संबंधित टैंपो सीज किए जाएंगे और उनकी फिटनेस भी रद्द की जाएगी। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि चेकिंग अभियान लगातार जारी रहेगा।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि ओवरलोड टैंपो सड़क पर चलते समय असंतुलित रहते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।
यात्रियों ने बताया कि सख्ती से नियम लागू होने पर सफर अधिक सुरक्षित होगा और मनमानी पर अंकुश लगेगा।
आंकड़े / तथ्य
ऋषिकेश-हरिद्वार मार्ग पर करीब 10 टैंपो नियमों के उल्लंघन के संदेह में रडार पर हैं।
टैंपो में अधिकतम 6 सवारियों की ही अनुमति है।
नियम उल्लंघन पर सीज और फिटनेस रद्द की कार्रवाई होगी।
आगे क्या?
परिवहन विभाग ने संकेत दिए हैं कि चेकिंग अभियान को अन्य मार्गों तक भी विस्तारित किया जाएगा। नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए अचानक निरीक्षण और सख्त दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।







