
हरिद्वार: नारसन कला गांव में सोमवार दोपहर 112 पर की गई एक झूठी कॉल से पुलिस में हड़कंप मच गया। कॉलर ने दावा किया कि पारिवारिक विवाद के दौरान बहू ने सास को जहरीला पदार्थ खिला दिया है और उसकी हालत गंभीर है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन जांच में सभी हालात सामान्य पाए गए। पूछताछ में सामने आया कि पति ने अपनी पत्नी को कानूनी पचड़े में फंसाने के इरादे से झूठी सूचना दी थी। मामले की सच्चाई सामने आने पर पुलिस ने आरोपी पर कार्रवाई करते हुए पुलिस एक्ट में ₹10 हजार का चालान किया।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
पुलिस के अनुसार गांव में पति-पत्नी के बीच लंबे समय से पारिवारिक विवाद चल रहा था। इसी विवाद को बढ़ाने और पत्नी को फंसाने के उद्देश्य से आपातकालीन सेवा 112 का दुरुपयोग किया गया, जिससे अनावश्यक रूप से पुलिस संसाधनों का इस्तेमाल हुआ।
प्रशासनिक पक्ष
सूचना पर पहुंची पुलिस टीम ने सास, बहू और पति—तीनों से मौके पर पूछताछ की। जांच में जहर देने का आरोप निराधार पाया गया। इसके बाद आरोपी को कोतवाली लाया गया और झूठी सूचना देने पर पुलिस एक्ट के तहत ₹10,000 का चालान किया गया। वरिष्ठ उपनिरीक्षक रफत अली ने बताया कि सूचना पूरी तरह गलत थी और मौके पर कोई आपात स्थिति नहीं थी।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि आपात सेवाओं का इस तरह दुरुपयोग न केवल कानूनन गलत है, बल्कि वास्तविक जरूरतमंदों के लिए परेशानी भी पैदा करता है। ग्रामीणों ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई का समर्थन किया।
आंकड़े / विवरण
झूठी सूचना देने पर आरोपी के खिलाफ पुलिस एक्ट के तहत ₹10,000 का चालान किया गया। 112 पर मिली सूचना के आधार पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची, लेकिन किसी प्रकार की चिकित्सकीय आपात स्थिति नहीं पाई गई।
आगे क्या होगा
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि आपातकालीन सेवा नंबरों का उपयोग केवल वास्तविक जरूरत के समय ही करें। झूठी सूचना देने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।





