
धर्म डेस्क: हिंदू धर्म में नामकरण संस्कार को जीवन के सबसे महत्वपूर्ण संस्कारों में गिना जाता है। जन्म के बाद शिशु को दिया गया नाम न केवल उसकी पहचान बनता है, बल्कि उसका प्रभाव जीवन भर माना जाता है। यही कारण है कि अधिकतर परिवार शुभ तिथि और मुहूर्त देखकर ही नामकरण संस्कार कराते हैं।
साल 2026 को लेकर माता-पिता और परिवारजन यह जानना चाहते हैं कि Namkaran Muhurat 2026 में कब-कब उपलब्ध हैं और पूरे वर्ष में कुल कितने शुभ अवसर मिलेंगे। पंचांग के अनुसार वर्ष 2026 में नामकरण संस्कार के लिए कुल 93 शुभ मुहूर्त बताए गए हैं, जो जनवरी से दिसंबर तक अलग-अलग महीनों में पड़ते हैं।
इस लेख में हम आपको सरल भाषा में बताएंगे कि साल 2026 में नामकरण संस्कार के लिए 93 शुभ मुहूर्त कौन-कौन से हैं, किन महीनों में अधिक अवसर मिलेंगे और नामकरण संस्कार का धार्मिक महत्व क्या है।
Namkaran Muhurat 2026: साल 2026 में नामकरण संस्कार के लिए शुभ तिथियां
हिंदू पंचांग के अनुसार नामकरण संस्कार सामान्यतः जन्म के 11वें, 12वें या 16वें दिन अथवा किसी शुभ नक्षत्र और तिथि में किया जाता है। 2026 में लगभग हर महीने नामकरण के लिए अनुकूल तिथियां उपलब्ध रहेंगी, जिससे परिवार अपनी सुविधा के अनुसार संस्कार कर सकेंगे।
नामकरण मुहूर्त 2026 (जनवरी से दिसंबर तक)
| माह | शुभ नामकरण मुहूर्त |
|---|---|
| जनवरी 2026 | 8 शुभ तिथियां |
| फरवरी 2026 | 7 शुभ तिथियां |
| मार्च 2026 | 8 शुभ तिथियां |
| अप्रैल 2026 | 7 शुभ तिथियां |
| मई 2026 | 9 शुभ तिथियां |
| जून 2026 | 8 शुभ तिथियां |
| जुलाई 2026 | 7 शुभ तिथियां |
| अगस्त 2026 | 8 शुभ तिथियां |
| सितंबर 2026 | 6 शुभ तिथियां |
| अक्टूबर 2026 | 8 शुभ तिथियां |
| नवंबर 2026 | 8 शुभ तिथियां |
| दिसंबर 2026 | 9 शुभ तिथियां |
| कुल | 93 शुभ मुहूर्त |
नामकरण संस्कार का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नामकरण संस्कार से शिशु के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। नाम का संबंध ग्रह-नक्षत्रों से जोड़कर देखा जाता है, जिससे बच्चे के स्वभाव, स्वास्थ्य और भविष्य पर शुभ प्रभाव पड़ता है।
ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों में आज भी यह परंपरा प्रचलित है कि पंडित द्वारा पंचांग देखकर शुद्ध मुहूर्त में ही नामकरण किया जाए। कई परिवार गंगा तट या मंदिर में यह संस्कार कराना विशेष शुभ मानते हैं।
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नामकरण संस्कार के समय किन बातों का ध्यान रखें
नामकरण संस्कार के समय शिशु और माता दोनों का स्वास्थ्य ठीक होना चाहिए। पूजा-पाठ शांत वातावरण में किया जाना चाहिए और नाम का चयन सोच-समझकर, सरल और सकारात्मक अर्थ वाला करना बेहतर माना जाता है। वर्तमान समय में भी ज्योतिषीय परंपरा और आधुनिक सोच का संतुलन रखते हुए नामकरण किया जा रहा है।
निष्कर्ष
जो माता-पिता यह जानना चाहते हैं कि Namkaran Muhurat 2026 में कब-कब उपलब्ध हैं, उनके लिए यह स्पष्ट है कि साल 2026 में नामकरण संस्कार के लिए कुल 93 शुभ मुहूर्त मिलेंगे। जनवरी से दिसंबर तक लगभग हर महीने अनुकूल तिथियां मौजूद हैं, जिससे परिवार अपनी सुविधा और परंपरा के अनुसार संस्कार संपन्न कर सकते हैं। सही मुहूर्त में किया गया नामकरण संस्कार शिशु के जीवन की शुभ शुरुआत माना जाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
साल 2026 में नामकरण संस्कार के लिए कितने शुभ मुहूर्त हैं?
हिंदू पंचांग के अनुसार साल 2026 में नामकरण संस्कार के लिए कुल 93 शुभ मुहूर्त बताए गए हैं, जो जनवरी से दिसंबर तक अलग-अलग महीनों में पड़ते हैं।
नामकरण संस्कार बच्चे के जन्म के कितने दिन बाद किया जा सकता है?
परंपरागत रूप से नामकरण संस्कार जन्म के 11वें, 12वें या 16वें दिन किया जाता है, लेकिन यदि उस समय मुहूर्त न हो तो बाद की किसी शुभ तिथि में भी यह संस्कार किया जा सकता है।
क्या बिना शुभ मुहूर्त के नामकरण करना गलत माना जाता है?
धार्मिक मान्यताओं में शुभ मुहूर्त का महत्व बताया गया है, लेकिन आज के समय में कई परिवार परिस्थितियों और सुविधा को देखते हुए निर्णय लेते हैं।
क्या नामकरण संस्कार घर पर किया जा सकता है?
हां, नामकरण संस्कार घर पर भी विधि-विधान से किया जा सकता है। इसके लिए किसी पंडित द्वारा पूजा कराई जाती है और मंदिर जाना अनिवार्य नहीं होता।
नामकरण के समय बच्चे का नाम कैसे चुना जाता है?
अधिकतर परिवार बच्चे के जन्म नक्षत्र और उससे जुड़े अक्षर के आधार पर नाम चुनते हैं, ताकि नाम का प्रभाव शुभ माना जाए।
क्या नामकरण संस्कार के लिए पूरा परिवार मौजूद होना जरूरी है?
जरूरी नहीं है। माता-पिता और कुछ निकट संबंधियों की उपस्थिति में भी नामकरण संस्कार सफलतापूर्वक किया जा सकता है।







