
नैनीताल: नैनीताल में सर्दी से बचने के लिए कार के भीतर कोयले की अंगीठी जलाकर सोना एक टैक्सी चालक को भारी पड़ गया। शनिवार रात सूखाताल पार्किंग में खड़ी कार के अंदर अंगीठी जलाने से बनी गैस की चपेट में आने से चालक की मौत हो गई। घटना का पता रविवार दोपहर तब चला, जब काफी देर तक चालक के बाहर न आने पर पार्किंग कर्मियों ने पुलिस को सूचना दी। यह घटना ठंड के मौसम में बंद जगहों पर अंगीठी के इस्तेमाल से होने वाले गंभीर खतरे की ओर फिर से ध्यान खींचती है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
उत्तर भारत के पर्वतीय इलाकों में ठंड से बचने के लिए अंगीठी या कोयले का इस्तेमाल आम है। हालांकि, बंद जगहों—जैसे कमरे या वाहन—में इसे जलाना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। इससे पहले भी ऐसे मामलों में कार्बन मोनोऑक्साइड गैस के कारण मौतें सामने आती रही हैं। नैनीताल जैसे ठंडे पर्यटन स्थलों पर यह जोखिम और बढ़ जाता है, जहां लोग रात में वाहन के भीतर ही आराम करने लगते हैं।
आधिकारिक जानकारी
पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के मथुरा निवासी मनीष गंधार के रूप में हुई है, जो 27 दिसंबर की रात नोएडा से पर्यटकों को लेकर नैनीताल पहुंचा था। रात करीब नौ बजे उसने सूखाताल पार्किंग में वाहन खड़ा किया और कार के भीतर अंगीठी जलाकर कंबल ओढ़कर सो गया। रविवार दोपहर तक जब कोई हलचल नहीं हुई तो पुलिस मौके पर पहुंची और शीशा तोड़कर चालक को बाहर निकाला गया। उसे बीडी पांडे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
एसपी ट्रैफिक एवं क्राइम नैनीताल डॉ. जगदीश चंद्रा ने बताया कि प्रथम दृष्टया मौत का कारण अंगीठी से निकली गैस माना जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के स्पष्ट कारणों की पुष्टि हो सकेगी।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि ठंड के मौसम में कई चालक और पर्यटक कारों के भीतर ही हीटर या अंगीठी का सहारा लेते हैं, लेकिन इसके खतरों को गंभीरता से नहीं समझते। पार्किंग कर्मियों ने भी बताया कि यदि समय रहते चालक को बाहर न निकाला जाता तो स्थिति और भयावह हो सकती थी।
विशेषज्ञ जानकारी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, अंगीठी जलाने से निकलने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस रंगहीन और गंधहीन होती है। यह गैस खून में ऑक्सीजन की आपूर्ति रोक देती है, जिससे व्यक्ति को गहरी नींद में ही बेहोशी और फिर मौत हो सकती है।
आंकड़े / तथ्य
कार्बन मोनोऑक्साइड गैस के शुरुआती लक्षणों में सिरदर्द, चक्कर, उल्टी और कमजोरी शामिल हैं। गंभीर स्थिति में सांस लेने में दिक्कत, बेहोशी और मौत तक हो सकती है।
आगे क्या होगा
पुलिस ने मृतक के परिजनों को सूचना दे दी है। उनके पहुंचने के बाद पंचनामा और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि ठंड से बचाव के लिए बंद जगहों में अंगीठी या कोयले का प्रयोग न करें।







