
नैनीताल — उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने नैनीताल दौरे के दौरान राज्य में बदलती डेमोग्राफी को आने वाले समय के लिए चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि डेमोग्राफी में बदलाव धरती का यथार्थ है और इसे किसी राजनीतिक आरोप के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, लेकिन जिस गति से परिवर्तन हो रहा है, उसे नियंत्रित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार प्रयासरत हैं। कोश्यारी ने 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर भी भाजपा की मजबूती पर भरोसा जताया और कहा कि जिन राज्यों में चुनाव होने हैं, वहां भाजपा की सरकार बनेगी।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
उत्तराखंड में हाल के वर्षों में जनसंख्या संरचना, शहरीकरण और आंतरिक व बाहरी पलायन को लेकर लगातार चर्चा होती रही है। डेमोग्राफी से जुड़े सवाल सामाजिक संतुलन, संसाधनों और भविष्य की नीतियों से सीधे जुड़े माने जाते हैं। इसी पृष्ठभूमि में कोश्यारी का यह बयान राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर अहम माना जा रहा है।
आधिकारिक जानकारी
भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार डेमोग्राफी से जुड़े बदलावों को संतुलित रखने के लिए योजनाबद्ध प्रयास कर रही हैं, जिनके परिणाम आने वाले समय में दिखाई देंगे। 2027 के विधानसभा चुनावों पर उन्होंने कहा कि भाजपा का लक्ष्य और अधिक ऊंचाइयों तक पहुंचना है और पार्टी संगठन इसके लिए पूरी तरह तैयार है।
स्थानीय / मानवीय पहलू
नैनीताल पहुंचने पर कोश्यारी ने हाल ही में सरस्वती शिशु मंदिर में लगी आग से क्षतिग्रस्त भवन का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि इस विद्यालय की स्थापना उनके प्रयासों से हुई थी और नैनीताल प्रवास के दौरान वे अक्सर इसी स्कूल के कमरों में समय बिताते थे। विद्यालय को जला हुआ देखकर उन्हें गहरा दुख पहुंचा है।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
निरीक्षण के दौरान एसडीएम नवाजिश खालिक ने कोश्यारी को बताया कि प्रभावित विद्यार्थियों को शहर के एसडीएल स्कूल में स्थानांतरित किया जा रहा है, ताकि पढ़ाई में किसी प्रकार का व्यवधान न आए। कोश्यारी ने भरोसा दिलाया कि विद्यालय के संचालन और पुनर्व्यवस्था के लिए सरकार और उनके स्तर से हर संभव सहयोग किया जाएगा।
विकास कार्य और आंकड़े
इसी दौरान नैनीताल सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय भट्ट ने वर्ष 2018 से क्षतिग्रस्त ऐतिहासिक मॉल रोड के कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मॉल रोड का कार्य जून माह तक हर हाल में पूरा किया जाए।
सांसद भट्ट के अनुसार अब तक इस परियोजना में 3 करोड़ 48 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं, जबकि 2 करोड़ रुपये की अतिरिक्त मांग का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। लोअर मॉल रोड में भू-धंसाव के बाद शुरू हुए इस कार्य में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।
आगे क्या?
प्रशासन का कहना है कि पर्यटन सीजन को देखते हुए मॉल रोड का कार्य तय समय-सीमा में पूरा किया जाएगा। वहीं, सरस्वती शिशु मंदिर के पुनर्वास और संचालन को लेकर भी आवश्यक कदम तेजी से उठाए जाएंगे। डेमोग्राफी और 2027 चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां भी आने वाले समय में और तेज होने की संभावना है।







